Washington, D.C., USA
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चीन के प्रति बदले रुख ने अमेरिका में राजनीतिक बहस के साथ-साथ व्यंग्य का बाजार भी गर्म कर दिया है। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के वॉशिंगटन दौरे के दौरान ट्रंप ने जिस गर्मजोशी और भव्य अंदाज में उनकी मेजबानी की, उसे लेकर अमेरिकी मीडिया और कॉमेडी शोज में खूब तंज कसे गए।
ट्रंप के स्वागत का अंदाज उनके पुराने चीन-विरोधी बयानों से बिल्कुल अलग नजर आया। कोरोना महामारी के दौरान चीन पर तीखे हमले करने और ‘कुंग फ्लू’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करने वाले ट्रंप अब शी के साथ बेहद दोस्ताना अंदाज में नजर आए। इसी विरोधाभास को लेकर सोशल मीडिया पर भी कई तरह की टिप्पणियां सामने आईं।
ट्रंप ने कराया व्हाइट हाउस का दौरा
शी के स्वागत के दौरान ट्रंप ने उन्हें व्हाइट हाउस के कई हिस्से दिखाए। ओवल ऑफिस से लेकर राष्ट्रपति भवन के अन्य हिस्सों और हेलीपैड तक का जिक्र अमेरिकी टिप्पणीकारों ने किया। कुछ कमेंटेटरों ने इस पूरे घटनाक्रम की तुलना उस बच्चे से की, जो अपने दोस्त को घर बुलाकर उसे अपना कमरा, खिलौने और पसंदीदा सामान दिखाता है।
ट्रंप के एयरपोर्ट जाकर शी का स्वागत करने पर भी सोशल मीडिया पर खूब मजाक हुआ। कुछ लोगों ने इसे ‘Uber Trump’ तक कह दिया।
शी ने बनाए रखी कूटनीतिक दूरी
ट्रंप की गर्मजोशी के बीच शी चिनफिंग का रवैया अपेक्षाकृत संयमित रहा। उन्होंने राजकीय मेहमानों के लिए इस्तेमाल होने वाले ब्लेयर हाउस में ठहरने के बजाय वॉल्डोर्फ एस्टोरिया को चुना। दिलचस्प बात यह है कि यह होटल कभी ट्रंप की कारोबारी संपत्तियों में शामिल रहा था।
लेट-नाइट शो में भी निशाना
अमेरिकी लेट-नाइट कॉमेडी शोज ने भी ट्रंप और शी की मुलाकात को लेकर खूब व्यंग्य किया। ट्रंप के एयरपोर्ट पहुंचने और वहां अमेरिकी सैन्य विमानों की आवाज पर उनकी प्रतिक्रिया को लेकर कॉमेडियनों ने चुटकियां लीं।
जिमी किमेल और जिमी फॉलन जैसे टीवी होस्टों ने भी ट्रंप की चीन नीति में आए बदलाव को लेकर मजाक किया। ट्रंप की भव्य मेजबानी की तुलना उनके पुराने चीन-विरोधी बयानों से की गई।
असली मुद्दे कहीं पीछे छूटे
हालांकि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे व्यापार, टैरिफ, तकनीक और वैश्विक अर्थव्यवस्था जैसे गंभीर मुद्दे भी मौजूद हैं। अमेरिका और चीन के बीच लंबे समय से व्यापारिक और रणनीतिक मतभेद रहे हैं।
आलोचकों का कहना है कि ट्रंप के बदले रुख ने उनके पुराने बयानों और मौजूदा कूटनीतिक व्यवहार के बीच बड़ा अंतर पैदा कर दिया है। यही वजह है कि शी के दौरे के दौरान हुई औपचारिक बातचीत से ज्यादा चर्चा दोनों नेताओं की सार्वजनिक छवियों और ट्रंप की मेजबानी को लेकर होती रही।
ट्रंप-शी मुलाकात ने एक बार फिर दिखाया कि अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में नेताओं की सार्वजनिक भाषा और व्यवहार किस तरह घरेलू राजनीति और मीडिया की चर्चा का विषय बन सकते हैं।
