2019 में चीन के वुहान लैब में कोरोना वायरस की खोज ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया था। इस वायरस ने विश्व में करोड़ों लोगों को प्रभावित किया और लगभग 71 लाख से अधिक लोगों की मौत हुई। चार साल बाद चीन ने समुद्र के नीचे 11,700 से ज्यादा नए वायरसों की खोज की है। ये जानकारी साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने दी है।
चीन में समुद्र के नीचे नए वायरस की खोज
चीनी शोधकर्ताओं ने एक खास प्रांत, पॉलीमेटैलिक नोड्यूल प्रांत, में समुद्र के नीचे मेटल की खोज के दौरान कई वायरसों का पता लगाया। शोध दल ने पाया कि यहां के अधिकांश वायरस एक जैसे वंशानुगत संबंध रखते हैं। ये वायरस समुद्र में पाए जाने वाले मेटल से भी भारी हैं और इनके हिस्से बैक्टीरिया में आनुवंशिक सामग्री इंजेक्ट करने में सक्षम हैं।
शोधकारों ने बताया कि यह वायरस मानव शरीर के बैक्टीरिया को पूरी तरह खत्म करने की क्षमता रखते हैं। हालांकि, फिलहाल ये वायरस इंसानों के लिए कोई सीधा खतरा नहीं हैं।
क्या नए वायरस मनुष्यों के लिए खतरा हैं?
शोध दल के अनुसार, अभी तक किसी भी आम नागरिक को इस वायरस से नुकसान होने की कोई संभावना नहीं है, लेकिन इसका बैक्टीरिया पर प्रभाव इंसान के स्वास्थ्य के लिए चिंताजनक हो सकता है। इसलिए इन वायरसों का विस्तृत अध्ययन आवश्यक है।
नेचर पत्रिका ने भी इन वायरसों की विस्तार से जांच की सलाह दी है, क्योंकि आने वाले समय में ये वायरस खतरनाक हो सकते हैं। चीन से इस विषय में और जानकारी जारी करने की मांग भी की गई है।
यह ध्यान देने योग्य है कि जिस वुहान लैब से कोरोना वायरस लीक हुआ था, उस समय भी चीन ने इसे खतरनाक नहीं बताया था। ये नए वायरस ‘कौडोविरिसेट्स’ वर्ग से संबंधित हैं।
इस खोज से यह तथ्य सामने आया है कि दुनिया अब भी वायरसों के अध्ययन के शुरुआती चरण में है और समुद्र के नीचे अत्यधिक वायरस मौजूद हैं जिनका प्रभाव पूरी तरह समझा नहीं गया है।
वैज्ञानिक यह मानते हैं कि भविष्य में ऐसे वायरसों से निपटने के लिए शोध और तैयारी आवश्यक है। यह खोज महामारी से निपटने के लिए नई चुनौतियां भी पेश कर सकती है।
टीवी9 भारतवर्ष की यह रिपोर्ट इस विषय पर विस्तार से जानकारी प्रदान करती है और भविष्य में होने वाले स्वास्थ्य खतरों के प्रति नागरिकों को सचेत करती है।
