लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने श्रीनगर से सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। 3 नवंबर को रुहुल्लाह ने पार्टी नेतृत्व से मतभेदों के कारण नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) और लोकसभा दोनों सदनों से इस्तीफा दिया था। लोकसभा सचिवालय की अधिसूचना में यह जानकारी दी गई है कि उनका इस्तीफा 3 नवंबर से प्रभावी होगा।
इस्तीफे के पीछे के कारण
अक्सर पार्टी के साथ मतभेदों को लेकर रुहुल्लाह ने राज्य में अधिकारों की बहाली को लेकर नेशनल कॉन्फ्रेंस की भूमिका पर ऐतराज जताया। उन्होंने पार्टी पर लोगों की उम्मीदों को ठगा जाने और 370 और 35A अनुच्छेद हटाए जाने के बाद चलाए गए आंदोलन को कमजोर करने का आरोप लगाया। रुहुल्लाह को लगा कि पार्टी ने अपना रुख बदल लिया है और अब वह अधिकारों के संघर्ष को छोड़ शासन में व्यस्त हो गई है।
उन्होंने 2024 के विधानसभा चुनावों में NC को मिली सफलता के बाद जनता की उम्मीदें बढ़ी थीं, लेकिन बाद में पार्टी ने उन उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। रुहुल्लाह ने कहा कि उन्हें पार्टी की खामियों के कारण विशेष रूप से दुख हुआ, जो राज्य का दर्जा वापस दिलाने की बजाए सांठगांठ में लगी थी।
उमर और फारूक अब्दुल्ला पर कटाक्ष
आगा सैयद रुहुल्लाह ने अपने पिता की पुण्यतिथि पर बडगाम में एक सभा में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और NC अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला पर निशाना साधा। उन्होंने पार्टी को ‘धोखेबाज और भ्रष्ट संगठन’ बताते हुए खुद को इससे आजादी का फरमान जारी करने वाला बताया। इस प्रदर्शन ने पार्टी के भीतर चल रही राजनीति को और उजागर किया।
उन्होंने कहा कि पार्टी जनता के अधिकारों के लिए नहीं बल्कि सत्ता में बने रहने के लिए काम करती रही है। रुहुल्लाह के इस बयान से नेशनल कॉन्फ्रेंस के अंदर मौजूद मतभेद और बढ़ गए हैं।
रुहुल्लाह के इस्तीफे की खबर ने श्रीनगर की राजनीति को झकझोर कर रख दिया है, क्योंकि यह सीट अब खाली हो गई है। यह इस्तीफा लोकसभा में जम्मू-कश्मीर से एक अहम संसदीय सीट खाली होने का कारण बना है।
लोकसभा में फिलहाल तीन सीटें खाली हैं, जिनमें से एक श्रीनगर की है। बाकी दो सीटें मेघालय के शिलांग और पश्चिम बंगाल के बशीरहाट की हैं, जो नामों के अनुसार उनके सांसदों के निधन के कारण खाली हुई थीं।
ऐसे में माना जा रहा है कि इन खाली सीटों के लिए उपचुनाव कराए जाएंगे। यह चुनाव क्षेत्रीय राजनीति को फिर से गतिशील बना सकते हैं और जम्मू-कश्मीर की राजनीतिक तस्वीर पर गहरा असर डाल सकते हैं।
मुख्य तथ्य
- आगा सैयद रुहुल्लाह ने 3 नवंबर को लोकसभा और NC दोनों से इस्तीफा दिया।
- उनका आरोप है कि पार्टी ने जम्मू-कश्मीर की अधिकारों की बहाली के लिए संघर्ष छोड़ दिया।
- लोकसभा सचिवालय ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर 3 नवंबर से प्रभावी माना।
- लोकसभा में अब तीन सीटें खाली हैं: श्रीनगर, शिलांग और बशीरहाट।
