सलमान खान ने हाल ही में अपनी फिल्म ‘मातृभूमि’ को लेकर एक इवेंट में कई बातें कही। उन्होंने बताया कि फिल्म की रिलीज में देरी के पीछे कई वजहें हैं। खासकर, वीएफएक्स के स्तर को लेकर इतने सख्त नियम हैं कि वे चाहते थे कोई उनकी फिल्म के दृश्यों की वीएफएक्स जांच में गलती न ढूंढ पाए। फिल्म लद्दाख में शूट हुई है और इसके विजुअल्स दर्शकों को प्रभावित करने वाले हैं।
फिल्म की देरी और वीएफएक्स की चुनौतियां
सलमान ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि फिल्म 45 दिनों में पूरी हो जाएगी, लेकिन चित्रांगदा सिंह के एक दुर्घटना के कारण शूटिंग में बाधा आई। उनकी फिजियोथेरेपी ने शूटिंग को और भी लंबा खींच दिया। इस वजह से फिल्म की रिलीज शेड्यूल में बदलाव करना पड़ा। सलमान ने यह स्पष्ट किया कि उन्होंने अपनी फिल्म के वीएफएक्स पर कोई समझौता नहीं किया है और वे चाहते हैं कि दर्शक असली अनुभव लें।
सलमान ने इस पर भी जोर दिया कि आधुनिक फिल्मों में जहां वीएफएक्स की अत्यधिक जांच होती है, वहां उनके जैसे कलाकारों पर भी कड़ी निगाह रहती है। वे यह भी मानते हैं कि फिल्मों की गुणवत्ता वीएफएक्स से अधिक कहानी और किरदारों पर निर्भर होनी चाहिए।
रामायण और एक अलग नजरिया
सलमान ने रामायण और उनकी फिल्म के बीच तुलना पर कहा कि रामायण की चर्चा बजट या वीएफएक्स पर नहीं, बल्कि राम, सीता और रावण जैसे पात्रों के आधार पर होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि उनकी फिल्म में 75 साल से अधिक उम्र के दर्शकों के लिए टिकट की कीमत सिर्फ 11 रुपये है, जो दर्शाता है कि वे ज्यादा से ज्यादा लोगों तक अपनी फिल्म पहुंचाना चाहते हैं।
यह भी बताया कि रामायण के बजट और वीएफएक्स को लेकर जो चर्चा होती है, वह सही दिशा में नहीं है। उन्होंने कहा, “रामायण के बारे में बात करनी हो तो उसकी कहानी और किरदारों के विषय में होनी चाहिए, न कि सिर्फ उसके मेकिंग बैंक खाते के बारे में।”
सलमान खान ने एक पुराने अनुभव के बारे में भी बताया कि करीब 20 साल पहले वे और उनके भाई सोहेल खान राम और लक्ष्मण की भूमिका निभाने वाले थे। लेकिन कुछ मीडिया घटना के चलते वह प्रोजेक्ट अधर में रह गया।
सलमान ने सरकार की ओर से फिल्म की स्क्रिप्ट में बदलाव को लेकर उठे सवालों का भी जवाब दिया। उन्होंने साफ किया कि इस तरह का कोई दबाव उन्हें नहीं मिला। उनकी फिल्म में सैनिकों और उनके परिवारों की कठिनाइयों को दिखाया गया है, जिसमें दोनों पक्षों के हालात और संघर्ष शामिल हैं।
उन्होंने कहा, “फिल्म में कोई नकारात्मक ताकत नहीं है, बल्कि हालात हैं, जो देशभक्ति से जुड़े हैं। सैनिकों के लिए देश हमेशा सबसे पहले आता है।” सलमान ने चुटकी लेते हुए कहा, “मैं दूसरों को जिंदगी का प्रेशर देता हूं, खुद नहीं लेता।” इस बयान से उनकी सहज और अबाध भावनाएं स्पष्ट होती हैं।
यह फिल्म सैनिकों की जिंदगियों, देशभक्ति और पारिवारिक संघर्षों को पेश करती है। सलमान के बयान और फिल्म की तैयारी के पीछे की चुनौतियों ने दर्शकों का उत्सुकता स्तर बढ़ा दिया है। फिल्म की रिलीज तारीख अभी अंतिम रूप में तय होनी है, लेकिन चर्चा इस बात की है कि यह दर्शकों को गहरे भाव से जुड़ने वाली फिल्म होगी।
