कोलकाता में मुक्ता राम बाबू स्ट्रीट स्थित चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार को भयंकर भगदड़ मची। इस हादसे में कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई जबकि कई अन्य घायल हुए। यहां पूजा पांडाल में भारी संख्या में श्रद्धालु शामिल थे, जिससे निकास द्वार का हिस्सा गिरने के बाद अफरातफरी मच गई। घायलों को पास के कलकत्ता मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बड़े नेताओं ने जताया दुख
इस दुखद हादसे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शोक व्यक्त किया और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि यह घटना बेहद पीड़ा देने वाली है और वे शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि पीएम मोदी ने स्थानीय प्रशासन की सहायता के लिए भी कहा है और घायलों की बेहतर चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। गृह मंत्री अमित शाह ने भी इस घटना पर गंभीर दुःख व्यक्त करते हुए पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से बातचीत की है। उन्होंने सभी मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदनाएं प्रकट कीं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रिया और मांग
राहुल गांधी ने घटना को दुखद बताते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदनाएं प्रकट कीं और घायलों के शीघ्र ठीक होने की कामना की। उन्होंने प्रशासन से बेहतर इलाज और निष्पक्ष जांच की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके। इसके साथ ही कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी सरकार से उचित मुआवजे और गहन जांच करवाने की मांग की है।
खरगे ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से प्रभावितों की सहायता करने की अपील की। उन्होंने कहा कि तुरंत बचाव और चिकित्सा सहायता मुहैया कराई जाए तथा मृतकों के परिवारों को सभी संभव मदद दी जाए। उन्होंने कहा कि इस दुखद हादसे की जांच कर भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपाय किए जाने चाहिए।
स्थानिय प्रशासन ने घायलों को उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा उपलब्ध कराने की पूरी व्यवस्था की है। हालांकि, पंडाल की सुरक्षा और निकास द्वार की मरम्मत को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। पुलिस और दमकल विभाग भी घटनास्थल पर सूचना एवं राहत कार्य में लगे हुए हैं।
यह हादसा कोलकाता में दुर्गा पूजा उत्सव के बीच हुआ है, जहां भारी भीड़ का समझदारी से प्रबंधन बेहद जरूरी होता है। ऐसे हादसे प्रशासन के लिए एक चेतावनी भी हैं जिससे सुरक्षा और बचाव के बेहतर इंतजाम करने होंगे।
घटना के बाद पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इसे एक बहुत दुखद घटना बताया और प्रभावित परिवारों के साथ सहानुभूति जताई। उन्होंने घटना की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है। राज्य सरकार ने भी मृतकों के परिवारों को सहायता राशि देने का निर्णय लिया है।
हालांकि इस हादसे से शहर और राज्य में सुरक्षा नियमों को लेकर नई बहस शुरू हुई है, लेकिन फिलहाल प्राथमिकता घायलों के इलाज और पीड़ित परिवारों को जो मदद हो सके वह उपलब्ध कराने पर है। प्रशासन को अब से कहीं अधिक सतर्कता और तैयारी के साथ आगे बढ़ना होगा ताकि ऐसे हादसे दोबारा न हों।
