हैदराबाद में भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेले जाने वाले टी20 सीरीज के चौथे मैच से पहले टिकटों की कालाबाजारी का खुलासा हुआ है। हैदराबाद पुलिस ने इस मामले में हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन (एचसीए) के एक सदस्य के साथ तीन अन्य लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि फ्री में मिलने वाले मैच पास को भारी कीमतों पर बेचा जा रहा था। पुलिस के पास से ‘‘NOT FOR SALE’’ लिखे 11 मैच पास भी बरामद हुए हैं।
टिकट कालाबाजारी का मामला
पुलिस ने बताया कि 12 अक्टूबर को बेगम बाजार के एसडी मॉल के पास अवैध टिकट बिक्री की सूचना मिली थी। जांच के बाद एचसीए सदस्य सतीश चंद्र श्रीवास्तव, उनके बेटे आकर्षित श्रीवास्तव, अविनाश दारक और मोहित सोमानी को दबोचा गया। अविनाश और मोहित को सोमवार रात लगभग 9 बजे गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में पता चला कि ये पास आकर्षित से मिले थे, जिन्हें व्हाट्सऐप और इंस्टाग्राम पर 3500 से 6000 रुपये तक में बेचा जा रहा था।
पुलिस के अनुसार आकर्षित ने अपने पिता से फ्री मैच पास लिए थे और उन्हें बेचने के लिए अविनाश को दिया था। मोहित ने भी इसमें मदद की। अभी तक कुल दस पास बिक चुके हैं। ये सब पास भारी कीमतों पर बेचे जा रहे थे, जबकि वे फ्री थे।
पुलिस की कार्रवाई और बरामद वस्तुएं
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 11 मैच पासों के अलावा नवरात्रि डांडिया कार्यक्रम के आठ टिकट, 5000 रुपये नकद, मोबाइल और एक दोपहिया वाहन भी जब्त किया है। अब पुलिस एचसीए से यह पता लगाएगी कि सतीश चंद्र श्रीवास्तव को कुल कितने पास जारी किए गए थे।
चारों आरोपियों को 13 अक्टूबर को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। इस मामले में पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 112(1), 318(2) और सिटी पुलिस एक्ट की धारा 21(जीजी) के तहत मामला दर्ज किया है। जांच अभी जारी है।
यह घटना हैदराबाद में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों के टिकटों की सुरक्षा और पारदर्शिता पर सवाल खड़े करती है। पुलिस की सक्रियता से अब इस तरह की एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश हुआ है, जिससे भविष्य में ऐसी कालाबाजारी पर रोक लग सकेगी।
एचसीए के सदस्य द्वारा इस हद तक अवैध तरीके से टिकट बेचना खेल संगठनों की विश्वसनीयता को प्रभावित करता है। पुलिस और प्रशासन दोनों इस मामले को गंभीरता से देख रहे हैं, ताकि खेल प्रेमियों को असली टिकट उचित दाम में मिल सकें।
इस तरह की कार्रवाई से अन्य लोगों को भी चेतावनी मिलती है कि फ्री पास का गलत इस्तेमाल नहीं किया जाएगा और उसे खरीदने-बेचने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। क्रिकेट फैंस को भी सचेत रहना होगा और ऐसे अवैध सौदों से दूर रहना चाहिए।
