नई दिल्ली, दिल्ली
भारत में जब सबसे ज्यादा संपत्ति रखने वालों की बात होती है तो आमतौर पर बड़े उद्योगपतियों का नाम सामने आता है। लेकिन जमीन के मामले में तस्वीर अलग है। देश में सबसे ज्यादा जमीन किसी निजी व्यक्ति के पास नहीं, बल्कि भारत सरकार के पास है। इसके बाद रक्षा मंत्रालय, भारतीय रेलवे और कई धार्मिक व निजी संस्थाएं बड़े भू-स्वामियों में शामिल हैं।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और सरकारी उपक्रमों के पास करीब 15,531 वर्ग किलोमीटर जमीन है। सरकारी संस्थानों में रक्षा मंत्रालय के पास भी विशाल भूमि क्षेत्र है। सेना, नौसेना और वायुसेना के छावनी क्षेत्रों, फायरिंग रेंज और सैन्य प्रतिष्ठानों को मिलाकर इसके पास 18 लाख एकड़ से अधिक जमीन बताई गई है।
भारतीय रेलवे भी देश के बड़े भू-स्वामियों में शामिल है। रेलवे के पास पटरियों, स्टेशनों, रेलवे कॉलोनियों और अन्य भूखंडों के रूप में करीब 11.80 लाख एकड़ जमीन बताई गई है।
धार्मिक संस्थाओं में वक्फ बोर्ड के पास बड़ी मात्रा में जमीन होने का दावा किया गया है। मस्जिदों, मदरसों और कब्रिस्तानों सहित विभिन्न संपत्तियों को मिलाकर यह आंकड़ा 8 लाख एकड़ से अधिक बताया गया है।
इसके अलावा कैथोलिक चर्च से जुड़ी संस्थाओं के पास चर्च, स्कूल, कॉलेज और अस्पतालों की जमीन है। निजी क्षेत्र में गोदरेज समूह के पास मुंबई के विक्रोली इलाके में करीब 3,400 एकड़ जमीन बताई गई है।
सहारा इंडिया के पास भी देशभर में विभिन्न परियोजनाओं और टाउनशिप के लिए बड़ा लैंड बैंक होने का दावा किया गया है। वहीं DLF, टाटा समूह और मुंबई पोर्ट ट्रस्ट भी बड़े भू-स्वामियों की सूची में शामिल बताए गए हैं।
इस सूची से स्पष्ट होता है कि भारत में बड़े भूमि स्वामित्व का बड़ा हिस्सा सरकारी संस्थाओं, धार्मिक संगठनों और बड़े कॉरपोरेट समूहों के पास है।
