नई दिल्ली में बुधवार को एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उस बस का टायर पंचर कर दिया, जिसमें लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को ले जाया जा रहा था। यह घटना KG मार्ग जंक्शन पर हुई, जिससे बस रुक गई। इसके बाद पुलिस ने राहुल गांधी को बाराखंबा रोड पुलिस थाने ले जाया। कुछ समय बाद उन्हें थाने से छोड़ दिया गया।
घटना के बाद घटनाक्रम और प्रतिक्रिया
इस मामले को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी ने इसे “घोर अन्याय” बताया। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन को रोकने की कोशिश की जा रही है और सरकार जनता के मुद्दों पर ध्यान नहीं दे रही। अधीर रंजन ने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी देश के मुद्दों को उठाने के लिए आवाज बुलंद कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है।
इससे पहले राहुल गांधी ने CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA गठबंधन के सांसदों के विरोध का समर्थन किया था। उन्होंने बताया कि सांसद चुनाव आयुक्त से मिलना चाहते थे, लेकिन उन्हें मिलने नहीं दिया गया। दिल्ली पुलिस ने सांसदों को वहां प्रदर्शन करने से रोक दिया था, जिसके कारण वे फिर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की योजना बना रहे हैं।
राहुल गांधी का आरोप और प्रदर्शन का सिलसिला
राहुल गांधी ने नरेंद्र मोदी, अमित शाह, मोहन भागवत और CEC ज्ञानेश कुमार पर देश के लोकतंत्र को कमजोर करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई को करने वाले देशद्रोही हैं और इन पर उचित कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना होगा।
इसके साथ ही राहुल गांधी ने अपने खिलाफ दर्ज 45 FIRs का जिक्र किया और कहा कि उनका लक्ष्य 100 FIRs पूरे करना है। वह अपने ऊपर दर्ज इन FIRs को अपने लिए एक सम्मान के रूप में देखते हैं।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच, INDIA गठबंधन के सांसदों द्वारा CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी है। सांसद जंतर-मंतर पर बैठकर अपने विरोध का प्रदर्शन करेंगे और जनता को इस मुद्दे पर जागरूक करेंगे।
घटना KG मार्ग जंक्शन पर हुई, जहां बस का टायर पंचर किया गया था। बस में राहुल गांधी के अलावा अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता भी थे। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए राहुल गांधी को थाने ले जाकर कुछ समय बाद छोड़ दिया।
यह घटना राजधानी में राजनीतिक संकट की एक नई भूमिका को दर्शाती है, जिसमें विपक्षी दल चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठा रहे हैं। इस विवाद के चलते प्रदर्शन और राजनैतिक रणनीतियों में तेजी आने की संभावना है।
