चेन्नई, तमिलनाडु
तमिलनाडु की राजनीति में कांग्रेस और DMK के बीच चल रही खींचतान के बीच बुधवार को एक नया राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया। DMK ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को लेकर अपना रुख बदलते हुए उनके विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया। खास बात यह है कि एक दिन पहले ही DMK ने तमिलनाडु में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मुद्दे पर राहुल गांधी की भूमिका पर सवाल उठाए थे।
मंगलवार को DMK प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए पूछा था कि तमिलनाडु में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के दौरान कथित तौर पर लाखों मतदाताओं के नाम हटाए जाने के मुद्दे पर कांग्रेस नेता चुप क्यों हैं। उन्होंने राहुल गांधी के इस मामले में अलग रुख अपनाने पर भी सवाल उठाया था।
इस विवाद के बीच बुधवार को DMK के मुख्य प्रवक्ता टी.के.एस. इलंगोवन ने राहुल गांधी और विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि अगर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार जैसे महत्वपूर्ण पद पर बैठा व्यक्ति अलोकतांत्रिक रवैया अपनाता है, तो चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग का समर्थन किया।
राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी दलों ने मंगलवार को संसद से चुनाव आयोग के कार्यालय तक मार्च निकाला था। प्रदर्शन का उद्देश्य मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने और मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण अभियान को रद्द करने की मांग करना था।
DMK ने इससे पहले विपक्षी इंडी गठबंधन की उस बैठक से भी दूरी बनाई थी, जिसमें चुनाव आयोग के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन की रणनीति तैयार की जानी थी।
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस और DMK के रिश्तों में पहले से ही तल्खी है। चुनाव के बाद दोनों दलों के बीच गठबंधन टूटने की स्थिति बनी और कांग्रेस ने अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके को समर्थन दिया। इसके बावजूद चुनाव आयोग और मतदाता सूची के मुद्दे पर DMK का राहुल गांधी के समर्थन में आना राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।
