बालाघाट, मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में गर्भवती महिला सावित्री चौधरी और उसके पति कैलाश चौधरी की गिरफ्तारी तथा थाने में कथित अमानवीय व्यवहार के मामले को लेकर मंगलवार को तनाव की स्थिति बन गई। मरार माली समाज के लोगों ने मामले के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान भीड़ उग्र हो गई और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया।
पथराव में सात पुलिसकर्मियों समेत कुल 16 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। प्रदर्शनकारियों ने किरनापुर थाने का गेट खोलकर अंदर जाने का प्रयास भी किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे।
घायल पुलिसकर्मियों में एसडीओपी दीपक तोमर, निरीक्षक जितेंद्र चौहान, शैलेंद्र पटेल, एसडीओपी के वाहन चालक आलोक, प्रधान आरक्षक वर्षा तथा महिला आरक्षक अंबिका और अविषा शामिल हैं। घायलों को किरनापुर स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार दिया गया। कुछ घायलों को इसके बाद महाराष्ट्र के गोंदिया स्थित अस्पताल रेफर किया गया।
घटना के बाद एसपी आदित्य मिश्रा मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर स्थिति शांत कराने का प्रयास किया। पुलिस ने पथराव करने वालों की पहचान शुरू कर दी है और मामले में पूछताछ की जा रही है।
चोरी के शक में गिरफ्तार हुआ था दंपती
मामला दो सितंबर की कार्रवाई से जुड़ा है। पुलिस ने चोरी के शक में मुंडेसरा पंचायत के टिमकीटोला निवासी कैलाश चौधरी और उनकी गर्भवती पत्नी सावित्री चौधरी को गिरफ्तार किया था।
परिजनों ने आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान महिला के साथ पुलिसकर्मियों ने अमानवीय व्यवहार किया। आरोप है कि महिला को निर्वस्त्र कर बेरहमी से पीटा गया, जिससे वह बेहोश हो गई। परिवार का दावा है कि उसके शरीर पर चोट के निशान अभी भी मौजूद हैं।
सात सितंबर को परिजन गर्भवती महिला को खाट पर लेकर कलेक्टर के पास पहुंचे और पूरे मामले की शिकायत की। शिकायत के बाद पुलिस अधीक्षक ने थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया था।
इसके बाद मंगलवार को समाज के लोगों ने मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान हुए पथराव ने स्थिति को गंभीर बना दिया। पुलिस अब हिंसा में शामिल लोगों की पहचान के साथ-साथ मूल मामले की जांच भी आगे बढ़ा रही है।
