अमेरिका में चल रहे मिडटर्म चुनाव का असर न केवल अमेरिकी राजनीति पर दिखेगा, बल्कि भारत समेत विदेशियों के लिए वहां के वीजा नियमों पर भी पड़ सकता है। खासकर भारतीय छात्रों के लिए यह चुनाव अहम हैं, क्योंकि चुनाव के नतीजे तय करेंगे कि विदेशी छात्रों को अमेरिका में कितनी अवधि तक रहनें की अनुमति मिलती है और क्या उन्हें पढ़ाई पूरी होने के बाद काम करने का मौका मिलेगा।
वर्तमान और प्रस्तावित V/S व्यवस्था
फिलहाल डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) की ड्यूरेशन ऑफ स्टेटस (D/S) व्यवस्था के अनुसार, F-1 वीजा धारक भारतीय छात्र अमेरिका में तब तक रह सकते हैं जब तक उनका कोर्स चलता है। इसके तहत अमेरिका में स्टूडेंट्स के लिए कोई फिक्स एक्सपायरी डेट नहीं होती।
लेकिन DHS ने एक नया नियम प्रस्तावित किया है, जिसमें छात्रों को उनके कोर्स की निश्चित अवधि के लिये ही अमेरिका में रहने की अनुमति दी जाएगी और अधिकतम 4 वर्षों का समय मिलेगा। यदि किसी छात्र को अधिक समय की जरूरत होगी, तो उसे वीजा एक्सटेंशन लेना होगा। यह नियम 15 सितंबर से लागू होना था, लेकिन कोर्ट ने इसे रोक दिया है।
यह प्रस्तावित बदलाव विदेशी छात्रों के लिए चिंता का विषय हैं, खासकर उन विद्यार्थियों के लिए जिनका कोर्स लंबा होता है या वे रिसर्च कर रहे होते हैं। फिलहाल मौजूदा व्यवस्था जारी रहेगी, लेकिन भविष्य में यह बदल सकती है।
भारतीय छात्रों के आंकड़े और मिडटर्म चुनाव का महत्व
SEVIS के अनुसार अक्टूबर 2025 में अमेरिका में सक्रिय भारतीय छात्रों की संख्या 3,66,258 थी, जो अक्टूबर 2026 में करीब 3,16,893 रह गई। इसमें लगभग 13.5% की गिरावट आई है। मास्टर्स स्तर पर छात्रसंख्या में 20.1% की कमी हुई, वहीं पीएचडी करने वाले छात्रों की संख्या में 45.9% की बढ़ोतरी हुई है।
विदेश मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, फरवरी 2025 में 3,78,787 भारतीय छात्र अमेरिका में थे, जो फरवरी 2026 तक घटकर 3,52,644 रह गए। अंतरराष्ट्रीय नए छात्रों की संख्या भी कम हुई है और खासकर पोस्टग्रेजुएट एडमिशन में गिरावट देखी गई है।
मिडटर्म चुनाव के नतीजे इसलिए अहम हैं क्योंकि इनसे यह तय होगा कि अगले दो वर्षों में अमेरिकी संसद का नियंत्रण किस पार्टी के पास होगा, जो नए इमिग्रेशन नियमों और वीजा नीतियों को प्रभावित करेगा। डेमोक्रेटिक सांसदों ने DHS के नए नियम को निरस्त करने की कोशिश शुरू कर दी है।
अमेरिकी कोर्ट ने फिलहाल इस नए नियम को रोक दिया है, लेकिन कांग्रेस में सत्ता परिवर्तन के बाद इस नियम के भविष्य का फैसला किया जाएगा। यह चुनाव विदेशी छात्रों के लिए कई नीतिगत बदलावों का द्वार खोल सकता है।
अमेरिकी वीजा व्यवस्था में बदलाव का सीधा असर उन भारतीय छात्रों पर पड़ेगा जो OPT के जरिए पढ़ाई के बाद नौकरी करना चाहते हैं। STEM क्षेत्र के छात्रों को मिलने वाला एक्सटेंशन भी सम्मानित किया जाएगा या नहीं, यह भी चुनावी नतीजों से तय होगा।
