हरियाणा नए आपराधिक कानून लागू करने में देश में नंबर-1, डीजीपी अजय सिंघल ने साझा की महत्वपूर्ण उपलब्धियां

चंडीगढ़, हरियाणा। हरियाणा राज्य ने नए आपराधिक कानूनों के सफल एवं प्रभावी कार्यान्वयन में देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। राज्य को 100 में से 95.21 का कार्यान्वयन स्कोर मिला है, जो आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक जांच प्रणाली के बेहतर उपयोग तथा प्रशिक्षित पुलिस बल की प्रतिबद्धता का परिणाम है।

हरियाणा पुलिस के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अजय सिंघल ने शुक्रवार को चंडीगढ़ में संवाददाताओं को बताया कि केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम को प्रभावी ढंग से लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि इन नए कानूनों का लक्ष्य केवल पुराने औपनिवेशिक कानूनों को बदलना नहीं है, बल्कि न्याय व्यवस्था को आधुनिक, तकनीक पर आधारित और नागरिक हितैषी बनाना है।

डीजीपी सिंघल ने कहा कि इस उपलब्धि के पीछे अच्छी योजना, व्यापक प्रशिक्षण और पुलिस अधिकारियों की मेहनत प्रमुख कारण हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने प्रशासनिक सुधारों, सूचना एवं संचार तकनीक के उपयोग, तथा इंटीग्रेटेड क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम को मजबूत बनाने पर विशेष ध्यान दिया है। पुलिस अधिकारी और जांचकर्मी नए कानूनों के अनुसार प्रशिक्षण ले रहे हैं और आईओ मोबाइल ऐप के माध्यम से वास्तविक समय में सूचनाओं से जुड़े हुए हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि मोबाइल फोरेंसिक यूनिट, ई-साक्ष्य प्रणाली, इलेक्ट्रॉनिक समन, डिजिटल केस मैनेजमेंट एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जैसी आधुनिक सुविधाओं के कारण जांच तथा अदालत की प्रक्रियाएँ ज्यादा प्रभावी और पारदर्शी बन गई हैं। गंभीर अपराधों में फोरेंसिक जांच को अनिवार्य किया गया है, जिससे साक्ष्यों की वृद्धि और दोषियों की सजा पाने की सम्भावना मजबूत हुई है।

डीजीपी ने कहा कि अपराध स्थल पर मोबाइल फोरेंसिक टीमें तुरंत पहुंचकर डीएनए, फिंगरप्रिंट और डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित करती हैं, जिससे जांच प्रक्रिया की गुणवत्ता और गति दोनों में निरंतर सुधार होता है। सभी पुलिस अधिकारियों ने नए कानूनों को अपनाने में सक्रिय भूमिका निभाई है, जो पुलिसिंग में एक नई दिशा प्रदर्शित करती है।

अजय सिंघल के अनुसार, हाल के एक स्वतंत्र मूल्यांकन में पाया गया है कि हरियाणा की डिजिटल पहल से मात्र छह महीनों में 26 करोड़ रुपये से अधिक की बचत हुई है। ई-समन प्रणाली ने कागज, पानी और ईंधन की बचत कर पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दिया है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के कारण पुलिसकर्मी अब अदालतों में बार-बार जाने के बजाय अपनी जांच कार्यों पर अधिक ध्यान केंद्रित कर पा रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा कि आने वाले समय में पुलिसिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की भूमिका और महत्वपूर्ण हो जाएगी। एआई की सहायता से सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण, फिंगरप्रिंट मिलान, गवाहों के बयानों का स्वतः ट्रांसक्रिप्शन और जांच निगरानी अधिक सटीक, तेज और पारदर्शी होगी।

डीजीपी अजय सिंघल ने विश्वास जताया कि नए कानूनों की सफलता तभी सुनिश्चित होगी जब पुलिस, अभियोजन, फोरेंसिक विशेषज्ञ, न्यायपालिका और आम नागरिक एकजुट होकर काम करेंगे। उनका उद्देश्य है कि हरियाणा पुलिस नागरिकों को तेज, पारदर्शी और साक्ष्य आधारित न्याय व्यवस्था उपलब्ध कराए ताकि न्यायपालिका में जनता का विश्वास और मजबूत हो सके।

Source

error: Content is protected !!