भारतीय नागरिक की जहाज पर हमला में हत्या के बाद MEA ने ईरानी उप दूत को तलब किया

नई दिल्ली, भारत – केंद्रीय विदेश कार्यालय ने वाणिज्यिक जहाज MT Al Bahiyah और MT Mombasa पर हुए संघर्ष के लिए कड़ी निंदा व्यक्त की है। इन जहाजों पर कुल 30 भारतीय नाविक सवार थे, और इनपर हुए हमलों ने भारत में व्यापक चिंता पैदा कर दी है।

MEA ने कहा कि इस प्रकार की हिंसा न केवल भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए खतरा है बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता को भी गंभीर रूप से प्रभावित करती है। मंत्रालय ने जोर देकर कहा है कि तत्काल हिंसा बंद हो और सभी पक्ष बातचीत और कूटनीति के माध्यम से समस्या का समाधान करें। पश्चिम एशिया में स्थिरता लाने के लिए यह आवश्यक है।

विदेश मंत्रालय ने ईरान के उप दूत को तलब करते हुए स्थिति पर चर्चा की और स्पष्ट किया कि इस प्रकार की घटनाएं भारत के राष्ट्रीय हितों और समुद्री सुरक्षा के लिए अभूतपूर्व चिंता का विषय हैं। उन्होंने सभी संबंधित पक्षों से संयम बरतने और समुद्री यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील भी की।

वाणिज्यिक समुद्री मार्गों पर यह हिंसा वैश्विक व्यापार और समुद्री सुरक्षा के लिए भी खतरा है। भारत ने इस बाबत अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी सहयोग की अपेक्षा जताई है ताकि समुद्री आतंकवाद और हमलों को रोका जा सके।

MT Al Bahiyah और MT Mombasa पर भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर सरकार विशेष उपाय कर रही है। भारत की सरकार ने प्रभावित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट की हैं और उनकी सुरक्षा तथा सहायता के लिए तत्पर रहने का आश्वासन भी दिया है।

MEA ने पुनः बल दिया कि पश्चिम एशिया में स्थिरता और शांति के लिए सभी पक्षों को संवाद और कूटनीतिक उपायों के रास्ते पर चलना होगा ताकि क्षेत्र में सुरक्षित और समृद्ध वातावरण बनाया जा सके। इस दिशा में भारत की प्रतिबद्धता स्पष्ट है।

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