केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिले राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह, पंजाब के गंभीर मुद्दों पर हुई अहम चर्चा

नई दिल्ली, दिल्ली

भारतीय क्रिकेट के मशहूर स्पिनर और वर्तमान में राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह ने शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से अहम मुलाकात की। यह जानकारी उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से साझा की। पंजाब के विभिन्न गंभीर मसलों को लेकर दोनों के बीच विस्तृत चर्चा हुई, जिसमें राज्य के विकास, जन कल्याण और कानून-व्यवस्था के मुद्दे शामिल थे।

हरभजन सिंह ने मुलाकात के बाद अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री से पंजाब से जुड़ी अनेक समस्याओं पर गहराई से बातचीत की। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि पंजाब के हितों की रक्षा करते हुए राज्य के विकास को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए उपयुक्त कदम उठाए जाएं।

भारतीय क्रिकेट के इतिहास में विशेष स्थान रखने वाले हरभजन सिंह ने 2007 में टी20 विश्व कप और 2011 में वनडे विश्व कप में भारत को चैंपियन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। 2022 में वे आम आदमी पार्टी (आप) के सदस्य के रूप में पंजाब से राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए थे। हालाँकि, 2026 में पार्टी के अंदर मतभेदों की वजह से राघव चड्ढा के नेतृत्व में सात राज्यसभा सांसदों ने आप छोड़ कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने का निर्णय लिया, जिनमें हरभजन सिंह का नाम भी था।

भाजपा में शामिल होने के बाद से हरभजन सिंह को आप कार्यकर्ताओं का विरोध झेलना पड़ा है। उन्होंने जालंधर स्थित अपने घर के बाहर नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन का भी सामना किया है। सोशल मीडिया पर भी उन्हें तीखी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है, जहाँ कई कार्यकर्ता उनसे राज्यसभा की सदस्यता छोड़ने की मांग कर रहे हैं।

पंजाब में भगवंत मान के नेतृत्व वाली आप सरकार ने हरभजन सिंह के भाजपा में शामिल होते ही उनकी सरकार से दी गई सुरक्षा वापस ले ली थी। फिलहाल उन्हें केंद्र सरकार की तरफ से सुरक्षा प्रदान की गई है।

यह बैठक पंजाब के सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक हितों के मद्देनजर एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि हरभजन सिंह केंद्र एवं राज्य के बीच संवाद स्थापित करने में अपनी भूमिका को मजबूत कर सकते हैं, जिससे पंजाब के विकास में तेज़ी आएगी।

साथ ही यह भी देखा जाना बाकी है कि हरभजन सिंह के इस राजनीतिक बदलाव का पंजाब की राजनीति पर क्या प्रभाव पड़ेगा और वे किस प्रकार से प्रदेश के व्यापक हितों के लिए काम करेंगे।

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