चंडीगढ़, केंद्र शासित प्रदेश।
संगठित साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन म्यूल हंट’ के तहत चंडीगढ़ साइबर क्राइम पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी साइबर धोखाधड़ी के मामले में दर्ज एफआईआर के आधार पर हुई है, जिसमें म्यूल बैंक खातों के दुरुपयोग का आरोप है। इस कदम को क्षेत्र में बढ़ते साइबर अपराधों पर नियंत्रण पाने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
चंडीगढ़ की एसपी साइबर आईपीएस गीतांजलि खंडेलवाल के निर्देशानुसार और डीएसपी साइबर क्राइम के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई सेक्टर 17 स्थित साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन के एसएचओ के पर्यवेक्षण में हुई। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पंजाब के मोहाली के गांव मिलख निवासी सलमान अंसारी और चंडीगढ़ के खुड्डा लौहारा निवासी भीम सरोज हैं।
गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) की जानकारी के अनुसार, चंडीगढ़ में कई ऐसे बैंक खाते पाए गए जो दिल्ली, तमिलनाडु, गोवा, मुंबई, गुजरात समेत अन्य राज्यों से आई धोखाधड़ी की शिकायतों से जुड़े थे। ये खाते मुख्य रूप से ‘म्यूल खाता’ थे, जिनका इस्तेमाल अपराधी धोखाधड़ी से प्राप्त धन को स्थानांतरित करने और छिपाने के लिए करते हैं।
जांच में पता चला कि आरोपियों ने बैंक खातों का दुरुपयोग कर कई ऑनलाइन धोखाधड़ी प्रकरणों में निधि हस्तांतरण किया। सलमान अंसारी ने बताया कि उन्हें अज्ञात व्यक्तियों ने फर्जी खाता खुलवाने के लिए संपर्क किया था, जिसके बाद उन्होंने भीम सरोज को नया खाता खोलने के लिए राज़ी किया। इस खाते के जरिए बड़ी राशि जमा और निकाल कर धोखेबाजों को दी गई। आरोपियों ने इनके बदले कमीशन लेने की बात कबूली।
यह मामला चंडीगढ़ के बैंक खातों के माध्यम से संचालित एक बड़े साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क को उजागर करता है, जो कई राज्यों में सक्रिय है। जांच के दौरान आरोपियों की संलिप्तता उनके वित्तीय लेनदेन से भी साबित हुई है। पुलिस पूछताछ जारी है और मामले की तह तक जाने के लिए सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
