मेट्टूर बांध 12 जून को सिंचाई के लिए नहीं खोलना संभव

मेट्टूर, तमिलनाडु

मेट्टूर बांध की जलस्तर स्थिति को लेकर एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया है कि बांध में जल भंडारण 50 प्रतिशत से भी कम है, जिससे 12 जून को सिंचाई के लिए बांध खोलना फिलहाल संभव नहीं दिख रहा। यह स्थिति किसानों और संबंधित कृषि समुदाय के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।

मेट्टूर बांध तमिलनाडु में कृषि क्षेत्र की सिंचाई की मुख्य धुरी के रूप में जाना जाता है। बांध के जलस्तर का कम रहना सीधे तौर पर फसलों की पैदावार और क्षेत्रीय खाद्य सुरक्षा पर प्रभाव डाल सकता है। जलाशय का आधा से भी कम भरा होना इस बात की ओर इशारा करता है कि जल की उपलब्धता कम है और आगामी महीनों में सिंचाई के लिए यह पर्याप्त नहीं होगा।

सरकारी अधिकारी ने बताया कि वर्तमान जल स्तर के मद्देनजर, प्रशासन ने सिंचाई विभाग को निर्देश दिया है कि वे बांध को आगामी तारीखों में खोलने से पहले स्थिति का पुनर्मूल्यांकन करें। अधिकारी के अनुसार, ”25-30 जून तक यदि पर्याप्त बारिश नहीं होती है, तो हम सिंचाई के लिए बांध खोलने के बारे में पुनः विचार करेंगे।”

इससे पहले के वर्षों में, मेट्टूर बांध पर जल संसाधन का अच्छा प्रबंधन होता रहा है, जिससे किसानों को समय पर जल प्राप्त होता रहा है, लेकिन इस वर्ष की जलसंकट की स्थिति में यह क्रम बाधित हो सकता है। स्थानीय किसानों ने भी चिंता जताई है और सरकार से जल प्रबंधन और वैकल्पिक सिंचाई उपायों पर ध्यान देने का आग्रह किया है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अभी तक मानसून की बारिश सामान्य से कम रही है। यह स्थिति पूरे क्षेत्र में जल संचयन की क्षमता को प्रभावित कर रही है। सरकारी अधिकारी ने कहा, “हम जल संरक्षण के लिए समुदायों के सहयोग से प्रयास जारी रखेंगे ताकि सीमित संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।”

कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे इस मौसमी संकट के दौरान जल की बचत और फसल के लिए अन्य तकनीकी उपायों को अपनाएं। प्रदेश सरकार भी सिंचाई योजनाओं पर पुनर्विचार कर रही है और आवश्यकतानुसार राहत प्रदान करने के लिए तैयार है।

यह स्पष्ट है कि मेट्टूर बांध का जल स्तर समुदाय के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। जल संरक्षण और सतत प्रबंधन के प्रयासों के बावजूद, मौजूदा जल संकट ने सिंचाई और कृषि उत्पादन दोनों के लिए चुनौतियां प्रस्तुत की हैं। स्थिति में सुधार के लिए सभी संबंधित पक्षों का सहयोग आवश्यक होगा।

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