रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के सुकना में त्रिशक्ति कोर की सैन्य तैयारियों का निरीक्षण किया। इस मौके पर उन्हें वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर बुनियादी ढांचे के विकास और आधुनिक सैन्य उपकरणों की तैनाती के बारे में जानकारी दी गई। राजनाथ सिंह ने सेना की संचालन क्षमताओं की समीक्षा करते हुए सीमावर्ती इलाकों में विकास कार्यों की तारीफ की।
एलएसी के बुनियादी ढांचे और तकनीकी प्रगति
रक्षा मंत्री ने बताया कि एलएसी पर तेजी से बुनियादी ढांचे का निर्माण हो रहा है। इसके जरिए सैनिकों को आवश्यक सामान, हथियार और अन्य सामग्री समय पर पहुंचाई जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार सीमाओं की सुरक्षा के लिए सड़कों, सुरंगों और अन्य अवसंरचनाओं के विकास पर जोर दे रही है। इसके साथ ही, आधुनिक तकनीकों और नए उपकरणों का इस्तेमाल बढ़ाया जा रहा है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि देश के स्टार्टअप और उद्योग ड्रोन व एंटी-ड्रोन सिस्टम जैसे अत्याधुनिक हथियार विकसित कर रहे हैं। सेना भी इन तकनीकों को तेजी से अपना रही है और साइबर सुरक्षा तथा ड्रोन संचालन में अपनी दक्षता बढ़ा रही है। यह प्रयास गतिशील और बहु-मुखी सैन्य रणनीति के तहत किए जा रहे हैं।
सैन्य तैयारियों और सैनिकों का कल्याण
दिवाली से पहले सैनिकों को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने सुकना को पूर्वी भारत की सुरक्षा प्रणाली की महत्वपूर्ण कड़ी बताया। उन्होंने कहा कि यहां से अग्रिम क्षेत्र तक हथियार, खाद्य सामग्री और चिकित्सा सामान पहुंचाया जाता है। उन्होंने सरकार की तरफ से लगातार आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने का भरोसा दिलाया।
उन्होंने यह भी कहा कि आज का युद्ध केवल पारंपरिक मोर्चे तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके साथ साइबर युद्ध, ड्रोन घुसपैठ, प्रॉक्सी युद्ध जैसे आधुनिक रूप भी शामिल हैं। इसलिए, सैनिकों को हर मोर्चे पर सतर्क और तैयार रहने की सलाह दी।
राजनाथ सिंह ने सैनिकों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने जवानों से कहा कि वे अपनी परेशानियां साथियों के साथ साझा करें और जरूरत पड़ने पर सहायता लें। साथ ही अधिकारियों को सैनिकों के साथ अधिक समय बिताने के लिए कहा गया ताकि उनकी भावनात्मक हालत बेहतर बनी रहे।
सैन्य तैयारियों की समीक्षा के दौरान राजनाथ सिंह ने कहा कि बजटीय आवंटन बढ़ाकर सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जा रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इन कदमों से सीमा पर स्थिति और बेहतर होगी। ये प्रयास भारत की सुरक्षा में नई ताकत और तत्परता लाएंगे।
मुख्य तथ्य:
- राजनाथ सिंह ने त्रिशक्ति कोर की सैन्य तैयारियों की समीक्षा की।
- एलएसी पर बुनियादी ढांचे और आधुनिक हथियारों का विकास तेज हुआ।
- सैनिकों के मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक कल्याण को बढ़ावा दिया जा रहा है।
- ड्रोन और साइबर सुरक्षा में सेना की क्षमताएं बढ़ रही हैं।
