नई दिल्ली, दिल्ली\
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज 16 रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों (डीपीएसयू) के वार्षिक प्रदर्शन की समीक्षा करेंगे। इस दौरान रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता बढ़ाने, स्वदेशी तकनीकों के विकास, नवाचार को प्रोत्साहन देने और रक्षा निर्यात को आगे बढ़ाने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, भारत का रक्षा क्षेत्र तेजी से आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है। सरकार का जोर देश में आधुनिक रक्षा उपकरणों और तकनीकों के विकास के साथ-साथ घरेलू उत्पादन क्षमता को मजबूत करने पर है। मंत्रालय का कहना है कि आत्मनिर्भर रक्षा क्षेत्र से देश की तकनीकी क्षमता बढ़ने के साथ वैश्विक रक्षा बाजार में भारत की भूमिका भी मजबूत हो रही है।
समीक्षा बैठक के दौरान सात प्रमुख डीपीएसयू के प्रमुख वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए सरकार के इक्विटी शेयरों पर लाभांश के चेक भी रक्षा मंत्री को सौंपेंगे। इनमें हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल), मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (एमडीएल), भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल), भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (बीडीएल), गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई), भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल) और मिधानी शामिल हैं।
इस अवसर पर राजनाथ सिंह चार पुस्तकों का विमोचन भी करेंगे। इनमें ‘आत्मनिर्भर डीपीएसयू’, ‘दिशा’, ‘एचएएल का आधुनिकीकरण रोडमैप’ और ‘एचएएल का स्वदेशीकरण रोडमैप’ शामिल हैं।
मंत्रालय के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2025-26 में डीपीएसयू का कुल कारोबार 1.29 लाख करोड़ रुपये रहा। यह 2024-25 की तुलना में 15.4 प्रतिशत अधिक है। वहीं, रक्षा निर्यात में भी 151.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
सरकार का लक्ष्य रक्षा उत्पादन में स्वदेशी क्षमता बढ़ाने के साथ निर्यात को भी मजबूत करना है। ऐसे में राजनाथ सिंह की समीक्षा बैठक को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
