PM नेतन्याहू की विदाई तय, इजराइल में आइसेनकोट के सत्ता में आने का रास्ता साफ

इजराइल में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की विदाई की संभावना बढ़ गई है। नवीनतम राजनीतिक घटनाक्रम के अनुसार, अरब पार्टी जॉइंट लिस्ट ने नेतन्याहू के विरोधी गादी आइसेनकोट को समर्थन देने का फैसला किया है। इस समर्थन के बाद नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है और आइसेनकोट के प्रधानमंत्री बनने के रास्ते साफ दिख रहे हैं।

अरब पार्टियों का समर्थन और सरकार गठन

अरब गठबंधन जॉइंट लिस्ट और राआम पार्टी ने आइसेनकोट का समर्थन किया है। दोनों पार्टियों ने स्पष्ट किया है कि वे राष्ट्रपति इसाक हर्जोग के सामने आइसेनकोट का नाम प्रधानमंत्री पद के लिए सिफारिश करेंगे। खास बात यह है कि राआम पार्टी के 8 सांसद पहले ही आइसेनकोट के साथ हैं, जिससे उनकी संख्या बढ़कर 67 हो गई है, जबकि नेतन्याहू के समर्थन में 58 सीटें हैं।

जॉइंट लिस्ट ने कहा कि सरकार गठन के लिए वे राष्ट्रपति से बातचीत कर अपनी सिफारिश औपचारिक रूप से पेश करेंगे। इस समर्थन के बाद आइसेनकोट के पक्ष में संसद में बहुमत लगभग सुनिश्चित माना जा रहा है, जो राजनीतिक स्थिरता की दिशा में अहम कदम है।

नेतन्याहू के लिए बढ़ती चुनौतियां

नेतन्याहू और उनकी लिकुड पार्टी को इस समय समर्थन जुटाने में कई मुश्किलें आ रही हैं। उनके गठबंधन के पास 58 सीटें हैं, जबकि संभावना जताई जा रही है कि वे सभी सदस्यों का समर्थन नहीं जुटा पाएंगे। यूनाइटेड तोराह जुडाइज्म के 7 सांसदों में से अधिकांश ने युद्ध समर्थन देने से इनकार कर दिया है।

अति-रूढ़िवादी गुट, जिसे नेतन्याहू की सरकार से उम्मीद थी, उनसे दूर होता दिख रहा है क्योंकि उनकी सरकार अनिवार्य सैन्य सेवा से छूट का कानून बनाने में नाकाम रही। यह स्थिति नेतन्याहू की आगामी सरकार के गठन के लिए बाधक बन रही है।

पहले आइसेनकोट ने कहा था कि वे किसी भी अरब या अति-रूढ़िवादी पार्टी को अपनी अगली सरकार का हिस्सा नहीं बनने देंगे। हालांकि अब उन्होंने अरब पार्टियों से समर्थन प्राप्त कर अपनी रणनीति बदली है, जो इस राजनीतिक बदलाव को दर्शाता है।

राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने संसदीय चुनाव परिणाम स्वीकार कर लिए हैं और राजनीतिक दलों से सरकार बनाने के लिए बातचीत कर रहे हैं। उनके प्रयास हैं कि नई सरकार बिना किसी और चुनाव के जल्दी बने।

राष्ट्रपति ने कई प्रमुख दलों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी राय ली है और जल्द ही यह तय करेंगे कि किस नेता को सरकार बनाने का अधिकार दिया जाए। इस प्रक्रिया के बाद ही प्रधानमंत्री पद का निर्णय अंतिम होगा।

चुनिंदा उम्मीदवार के पास सरकार बनाने के लिए 28 दिन का समय होगा, जो जरूरत पड़ने पर 14 दिन और बढ़ाया जा सकता है। यदि कोई भी नेता बहुमत हासिल नहीं कर पाता, तो देश में नए चुनाव हो सकते हैं। इस प्रकार, इजराइल की राजनीतिक स्थिति फिलहाल काफी गतिशील और अनिश्चित बनी हुई है।

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