दिल्ली के चावड़ी बाजार में मरम्मत के नाम पर अवैध निर्माण, इमारत ढही – MCD खुलासा

दिल्ली के अजमेरी गेट इलाके में 5 नवंबर को सुबह करीब 10:30 बजे एक इमारत ढहने का भयानक हादसा हुआ। गली शीश महल, गली शहतारा स्थित मकान नंबर 4548 में मरम्मत के नाम पर अवैध निर्माण हो रहा था। अचानक तीसरी मंजिल के लिंटर की शटरिंग हटने से लिंटर गिर गया और पूरा मकान धराशायी हो गया। इस हादसे में दो लोगों की मौत हो चुकी है और पांच लोग घायल हैं।

मरम्मत के नाम पर अवैध निर्माण

MCD की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि उक्त इमारत की दूसरी और तीसरी मंजिल पर बिना अनुमति नए निर्माण का काम चल रहा था। मरम्मत के दौरान जल्दबाजी में तीसरी मंजिल के लिंटर की शटरिंग हटी, जिससे लिंटर गिर गया और इमारत पूरी तरह से ध्वस्त हो गई। हादसे के बाद मलबे में दबे लोगों को बचाने के लिए देर रात तक राहत और बचाव अभियान चलाया गया।

जांच रिपोर्ट के अनुसार, इस संपत्ति के मालिक समीउल्लाह को पहले ही जर्जर स्थिति पर 28 अप्रैल को MCD के रखरखाव विभाग ने चेतावनी दी थी। इसमें कहा गया था कि संरचनात्मक इंजीनियर की निगरानी में मरम्मत कराई जाए और स्ट्रक्चरल सेफ्टी सर्टिफिकेट दिया जाए। साथ ही यह स्पष्ट किया गया था कि इस इमारत को दोबारा बनवाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

सूचना और कार्रवाई

15 जून को दिल्ली पुलिस ने भी इस भवन में अवैध निर्माण की सूचना MCD को दी थी। निगम की टीम ने निरीक्षण किया और मरम्मत का काम पाया। उसके बाद इमारत गिरी नहीं, लेकिन नए निर्माण की कोई अनुमति निगम को नहीं मिली। जांच में यह भी पाया गया कि मालिक ने बिल्डिंग बायलाज का उल्लंघन कर दिया था।

MCD के टैक्स रिकॉर्ड से पता चला है कि 22 अप्रैल को मालिक ने प्रॉपर्टी टैक्स जमा करते हुए अपनी संपत्ति को ग्राउंड प्लस चार मंजिल बताया था, जबकि हादसे के समय वह ग्राउंड प्लस तीन मंजिल की ही थी। इस विसंगति की भी जांच जारी है।

हादसे के बाद संबंधित जूनियर इंजीनियर (JE) और असिस्टेंट इंजीनियर (AE) को लापरवाही के कारण निलंबित कर दिया गया है। साथ ही MCD ने समीउल्लाह के खिलाफ FIR दर्ज करने के लिए दिल्ली पुलिस को शिकायत दी है।

राहत कार्य में MCD के लगभग 30 कर्मचारी और मजदूर लगे हुए हैं। मलबा हटाने के लिए फ्लडलाइट की व्यवस्था की गई है। साथ ही आसपास की इमारतों का भी सुरक्षा सर्वेक्षण शुरू कर दिया गया है ताकि उनकी संरचनात्मक स्थिति का आकलन किया जा सके।

MCD ने इलाके में अन्य अवैध निर्माणों की पहचान कर उन पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अब जांच यह पता लगाएगी कि चेतावनी के बावजूद निर्माण कैसे हुआ और अधिकारियों की निगरानी में कहां चूक हुई।

मुख्य बिंदु:

  • 5 नवंबर को दिल्ली के अजमेरी गेट में इमारत ढही, दो की मौत
  • मरम्मत के नाम पर अवैध निर्माण की पुष्टि MCD ने की
  • 25 अप्रैल को मालिक को दी गई थी जर्जर हालत की चेतावनी
  • JE और AE को लापरवाही में निलंबित किया गया

Source

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!