डॉक्टर कई बार एक साथ कई दवाएं लिखते हैं, लेकिन बिना सलाह के दवा लेना जोखिम भरा हो सकता है। डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर या गठिया जैसी पुरानी बीमारियों में कई दवाएं एक साथ लेना जरूरी हो जाता है। हालांकि, बिना डॉक्टर की सलाह के पेन किलर, कोल्ड की दवाएं या सप्लीमेंट्स लेना ड्रग इंटरेक्शन के खतरे को बढ़ाता है। खासकर बुजुर्गों को दवाओं की खुराक और समय का ध्यान रखना चाहिए।
ड्रग इंटरेक्शन का खतरा क्यों बढ़ता है?
ड्रग इंटरेक्शन से मतलब है जब एक दवा का असर दूसरी दवा, भोजन या शराब के कारण बदल जाता है। इससे दवाओं का प्रभाव कम या ज्यादा हो सकता है, और नए साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। कुछ इंटरेक्शन गंभीर भी होते हैं। उदाहरण के लिए, कुछ दवाओं का कॉम्बिनेशन अत्यधिक नींद या चक्कर का कारण बन सकता है, जबकि कुछ से ब्लीडिंग या ब्लड प्रेशर में असामान्य कमी हो सकती है।
हर कॉम्बिनेशन हानिकारक नहीं होता, क्योंकि डॉक्टर सावधानी से दवाओं का मिश्रण करते हैं ताकि बीमारी बेहतर तरीके से नियंत्रित हो सके। FDA के अनुसार मरीजों को आवश्यक है कि वे अपने डॉक्टर को सारी दवाओं, विटामिन्स और सप्लीमेंट्स के बारे में जांच कराएं ताकि संभावित इंटरेक्शन से बचा जा सके।
पॉलीफार्मेसी और बुजुर्गों में खतरे
क्लीवलैंड क्लीनिक के अनुसार, पॉलीफार्मेसी का मतलब है एक व्यक्ति का एक साथ पांच या उससे अधिक दवाएं लेना। बुजुर्गों में यह अधिक देखने को मिलता है, क्योंकि उनके शरीर में कई पुरानी बीमारियां एक साथ हो सकती हैं। उम्र बढ़ने के कारण किडनी और लिवर की कार्यक्षमता घटती है, जिससे दवाओं का प्रभाव बदलता है।
एनसीबीआई के अनुसार, बुजुर्गों में कई दवाएं लेने से खुराक भूलने, दवाओं को दोहराने और गिरने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए मरीजों को समय-समय पर डॉक्टर से दवाओं की समीक्षा कराना चाहिए ताकि अनावश्यक दवाओं से बचा जा सके।
ब्लड प्रेशर और डायबिटीज की दवाओं के साथ अन्य दवाओं का प्रभाव
ब्लड प्रेशर और डायबिटीज की दवाएं अक्सर नियमित रूप से ली जाती हैं। इन दवाओं के साथ नई दवाएं शुरू करने से पहले उनके संभावित इंटरेक्शन को समझना आवश्यक है। उदाहरण के लिए, कुछ पेन किलर्स ब्लड प्रेशर को प्रभावित कर सकते हैं जबकि कुछ दवाओं के कॉम्बिनेशन से ब्लड शुगर का स्तर असामान्य हो सकता है।
- ब्लड प्रेशर की दवाएं: कुछ दवाओं से ब्लड प्रेशर बहुत कम हो सकता है जिससे चक्कर आना या कमजोरी हो सकती है।
- डायबिटीज की दवाएं: कुछ दवाओं से ब्लड ग्लूकोज का स्तर बढ़ या घट सकता है, जिससे हाइपोग्लाइसीमिया का खतरा रहता है।
मेडलाइन प्लस के निर्देशानुसार, यदि कोई नई दवा शुरू कर रहे हैं तो डॉक्टर को पहले से ली जाने वाली दवाओं के बारे में जरूर बताएं और उनकी निगरानी करें। दवाओं की खुराक में खुद से बदलाव न करें।
अंत में, कई दवाएं एक साथ लेना आवश्यक हो सकता है, पर उनका सही समय, मात्रा और कॉम्बिनेशन समझना बेहद महत्वपूर्ण है। बुजुर्ग और पुरानी बीमारियों वाले लोगों को दवाओं की नियमित समीक्षा कराते रहना चाहिए। बिना सलाह के नई दवा या सप्लीमेंट्स न लें ताकि ड्रग इंटरेक्शन का खतरा कम हो सके।
