मुरादाबाद के मुंढापांडे थाना क्षेत्र में मंगलवार शाम करीब पांच बजे एक तेज रफ्तार बोलेरो पिकअप ने सड़क किनारे लगे पकौड़ी के ठेले से टक्कर मार दी। इस हादसे में ठेले के पास खेल रहे छह बच्चे वाहन की चपेट में आ गए। हादसे में दो बच्चों की मौत हो गई जबकि चार अन्य घायल हो गए, जिनमें एक महिला भी शामिल है।
हादसे का विवरण
मुड़िया भाईपुर गांव में दूसरी दिशा से आ रही बोलेरो पिकअप का चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा और सड़क किनारे खड़े पकौड़ी के ठेले से टकरा गया। ठेले के पास खेल रहे बच्चे अचानक टक्कर में फंस गए। दुर्घटना इतनी जोरदार थी कि मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोग घायलों की मदद के लिए पहुंचे और पुलिस को सूचना दी।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पिकअप की रफ्तार बेहद तेज थी। टक्कर के बाद आसपास अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने घायलों को तुरंत चिकित्सीय सहायता के लिए तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी (TMU) अस्पताल पहुंचाया।
घायलों का इलाज और मौत की खबर
TMU अस्पताल में डॉक्टरों ने घायलों का इलाज शुरू किया। उपचार के दौरान दो बच्चों की मौत हो गई। इस हादसे में घायल हुए चार अन्य, जिनमें एक महिला भी शामिल है, का इलाज जारी है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार कुछ घायलों की हालत स्थिर है।
पुलिस ने बताया कि दो मासूम बच्चियों का भी इलाज चल रहा है। घायलों के परिवारों में मातम छा गया है और पूरे गांव में शोक का माहौल है।
स्थानीय ग्रामीण अरविंद यादव ने कहा कि हादसा ग्राम पंचायत मुंडिया भाईपुर के पोस्ट सखड़ा खास क्षेत्र में हुआ। उन्होंने तेज रफ्तार वाहन चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की ताकि भविष्य में ऐसे हादसे रोक सकें।
पुलिस की कार्रवाई
एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बोलेरो पिकअप चालक को हिरासत में ले लिया गया। पुलिस आरोपी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई कर रही है और मामले की जांच जारी है।
पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने में ग्रामीणों का सहयोग सराहा। उन्होंने कहा कि जैसे ही पूरी जांच होगी, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा रही है। अधिकारियों ने तेज रफ्तार वाहन चालकों पर कड़ी नजर रखने का आश्वासन दिया है।
घटना की वजह से ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है, जो हादसे की शर्तों को लेकर पुलिस से न्याय की उम्मीद कर रहे हैं। घटना ने इलाके में सड़क सुरक्षा नियमों के पालन की आवश्यकता पर ध्यान आकर्षित किया है।
