झारखंड के गुमला जिले से एक दुखद खबर सामने आई है जहां पति-पत्नी के बीच मोबाइल फोन ना उठाने को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि पति ने पहले अपना मोबाइल फोन जला दिया और फिर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना लांजी नवाटोली गांव की है, जहां सिकंदर गोप नाम के व्यक्ति की मौत हुई।
फोन न उठाने पर बढ़ा विवाद
रविवार शाम सिकंदर ने अपनी पत्नी को फोन किया, लेकिन वह खाना बनाने में व्यस्त होने के कारण फोन नहीं उठा सकीं। इसका प्रभाव सिकंदर पर इतना भारी पड़ा कि वह सीधे घर आ गए और पत्नी के साथ बहस करने लगे। यह विवाद जल्द ही बढ़ गया और गुस्से में सिकंदर ने अपना मोबाइल फोन आग में फेंक दिया।
इसके बाद सिकंदर घर के एक कमरे में चले गए और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। परिवार वाले समझे कि वह गुस्से में सोने चले गए हैं, इसलिए उन्होंने उनसे तब तक कोई संपर्क नहीं किया।
खोली गई दुखद हकीकत
सोमवार सुबह जब परिजन सिकंदर को जगाने गए, तो उन्हें कमरे में उनका शव फांसी के फंदे से लटका हुआ मिला। यह नजारा देखकर परिवार वाले स्तब्ध रह गए। घटना की खबर तुरंत आसपास के लोगों तक पहुंची और घर मातम में डूब गया।
परिवार के सदस्यों ने बताया कि मोबाइल फोन को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना गंभीर रूप लेगा, यह किसी को भी कल्पना नहीं थी। सिकंदर की इस आत्महत्या से परिवार और आस-पास के लोग गहरे शोक में हैं।
परिवार की मानें तो फोन ना उठाने वाली घटना आत्महत्या की मुख्य वजह लगती है, लेकिन इसके पीछे कोई अन्य पारिवारिक या व्यक्तिगत समस्या भी हो सकती है, जिसकी पुष्टि नहीं हुई है। इसकी असली वजह जानने के लिए जांच जारी है।
यह मामले गुमला जिला में गंभीर चर्चा का विषय बन गया है। एक छोटी बात को लेकर इतनी दुखद घटना ने सभी को हिला दिया है।
जांच अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और फिलहाल परिवार को सांत्वना दी जा रही है। पुलिस ने घटना स्थल का मुआयना भी किया है।
यह घटना मोबाइल फोन के बढ़ते प्रभाव और घरेलू विवादों के बीच रिश्तों पर पड़ने वाले असर को दिखाती है, जो आज की जीवन शैली में चिंता का विषय बन चुका है।
