बिहार के सहरसा जिले के बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के जमुनिया गांव में शनिवार शाम एक पुरानी रंजिश ने खौफनाक रूप ले लिया। जमीन विवाद की वजह से हुए झगड़े के दौरान 72 वर्षीय रामदेव सिंह की उनके बेटे के सामने मारपीट कर हत्या कर दी गई। इस हिंसक घटना से इलाके में डर और तनाव व्याप्त हो गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
झगड़े का कारण क्या था?
जानकारी के मुताबिक शनिवार शाम रामदेव सिंह अपने बेटे अंशु सिंह के साथ अपने खेत पर बैठे थे। इसी दौरान कुछ लोग, जिनसे पुरानी रंजिश थी, वहां पहुंच गए। उनके बीच जमीन विवाद के चलते तेज बहस हुई। बहस बढ़ गई और जल्द ही मारपीट शुरू हो गई। आरोपियों ने लाठी-डंडे से हमला किया, जिससे रामदेव सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए और कुछ ही देर में उनकी मौत हो गई।
मृतक के बेटे अंशु सिंह ने बताया कि वे दोनों खेत पर बैठे थे, तभी कुछ लोग विवाद के लिए आए। जब वे वहां से हटने लगे तो हमला बढ़ गया। आरोपियों ने जानलेवा हमला किया, जिसमें मेरे पिता की मौत हुई।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
घटना की सूचना मिलने पर बख्तियारपुर थानाध्यक्ष जयशंकर कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने कड़ी मशक्कत से स्थिति नियंत्रित की और शव को कब्जे में लेकर सहरसा सदर अस्पताल शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की पहचान और घटना के पीछे की वजह की जांच चल रही है।
पुलिस ने कहा कि वे सभी पक्षों के बयान ले रहे हैं और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
घटना के बाद जमुनिया गांव में भारी शोक और सुरक्षा की मांग उठ रही है। स्थानीय लोग इस तरह की हिंसा को लेकर चिंतित हैं और पुलिस से तत्काल कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।
यह घटना इस बात की आगाह करती है कि जमीन विवाद किस तरह से जानलेवा बन सकता है। क्षेत्र में पुरानी रंजिश के कारण अक्सर विवाद होते रहते हैं, लेकिन इस बार यह घटना बेहद हिंसक रही है।
खास बात यह है कि पिता की हत्या उनके बेटे के सामने हुई, जो इस अपराध की गंभीरता को और बढ़ाती है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है ताकि न्याय सुनिश्चित किया जा सके।
आगे की जांच में यह स्पष्ट होगा कि इस हत्या के पीछे क्या-क्या कारण थे और आरोपियों की भूमिका क्या है। इस घटना के बाद इलाके में सुरक्षा उपाय बढ़ाने की भी मांग उठ रही है।
