दिल्ली-एनसीआर में गुरुवार की देर रात मौसम ने करवाचौथ की शाम को फिर से करवट ली। पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवात ‘अर्नब’ के असर से पूरे क्षेत्र में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और बारिश हुई। राजधानी समेत आस-पास के इलाकों में अचानक ठंड बढ़ गई। व्रती महिलाओं को चंद्रमा देखने में देरी भी हुई क्योंकि आसमान घने बादलों से ढक गया था।
दिल्ली में तापमान में गिरावट
लगातार बारिश और 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज ठंडी हवाओं के कारण दिल्ली का अधिकतम तापमान सामान्य से 5.6 डिग्री कम होकर 25.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह पिछले 24 घंटों के मुकाबले 6.4 डिग्री नीचे है। न्यूनतम तापमान 19.1 डिग्री सेल्सियस था। इस बदलाव ने मौसम को काफी ठंडा कर दिया है।
दिल्ली के कई हिस्सों में बारिश रुक-रुक कर हुई। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर भारत और पाकिस्तान के उत्तरी हिस्से में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और दिल्ली के ऊपर बने चक्रवातीय सर्कुलेशन के कारण यह मौसम परिवर्तन आया है। इससे पूरे दिन बादल छाए रहे और शाम से बारिश शुरू हुई।
आगामी मौसम का अलर्ट
मौसम विभाग ने शुक्रवार को भी दिल्ली-एनसीआर में सुबह से दोपहर तक हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना जताई है। साथ ही करीब 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाएं चलेंगी, जिससे ठंडक बढ़ेगी। स्थानीय लोगों को ठंडी हवाओं के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
उत्तर प्रदेश के लखनऊ मौसम केंद्र के मुताबिक 30-31 अक्टूबर को राज्य के कई इलाकों में तापमान में 5 से 8 डिग्री गिरावट संभव है। लखनऊ, रायबरेली, सुल्तानपुर और अमेठी समेत इलाकों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ओले गिरने की आशंका भी है।
राजस्थान के जयपुर और भरतपुर क्षेत्र में भी पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवात के चलते मध्यम से भारी बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है। अगले 24 घंटों में प्रदेश में तापमान 3 से 5 डिग्री नीचे जा सकता है।
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों में बिजली गिरने का येलो अलर्ट जारी किया गया है। जनजातीय क्षेत्र लाहौल-स्पीति के कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान माइनस 1.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जिससे ठंड बढ़ी है।
चक्रवात ‘अर्नब’ के कारण झारखंड में भारी बारिश हुई है। पूर्वी सिंहभूम के गुड़ाबांदा में 71.4 मिमी, मझारी में 64 मिमी और चाईबासा में 60 मिमी बारिश दर्ज की गई। खराब मौसम के कारण रांची, सिमडेगा और सिंहभूम के स्कूल 28 और 29 अक्टूबर को बंद रखे गए। पश्चिम बंगाल में भी बारिश और तेज हवाओं का असर है।
ओडिशा के गंजाम जिले के करीब 300 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। भारतीय तटरक्षक बल फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहा है। आपदा प्रबंधन की 79 टीमें राहत कार्य में लगी हैं। मौसम विभाग ने प्रभावित इलाकों में लोगों को सतर्क रहने और अधिकारियों के निर्देश पालन की सलाह दी है।
