तनाव और एंग्जायटी से राहत पाने के लिए अपनाएं 5 मिनट की टैपिंग तकनीक

काम के बढ़ते दबाव और तनाव के कारण बहुत से लोग मानसिक थकान का सामना कर रहे हैं। यह तनाव न केवल मूड खराब करता है बल्कि व्यवहार में भी बदलाव लाता है। इसके साथ ही, शरीर में सक्रियता में कमी और मानसिक दबाव से व्यक्ति की वर्क प्रोडक्टिविटी और व्यक्तिगत जीवन दोनों प्रभावित होते हैं। इस स्थिति में एक्सपर्ट्स योग, मेडिटेशन और थेरेपी की सलाह देते हैं, जिसमें टैपिंग थेरेपी खास रूप से लोकप्रिय हुई है।

टैपिंग तकनीक क्या है?

टैपिंग तकनीक जिसे इमोशनल फ्रीडम टेक्निक (EFT) भी कहा जाता है, एक माइंड-बॉडी कॉम्प्लिमेंट्री पद्धति है। इसमें व्यक्ति अपने तनावजनक विचार या भावना को पहचान कर शरीर के कुछ विशेष पॉइंट्स को उंगलियों से हल्के टैप करता है। नॅशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन (NCBI) के अनुसार EFT में तीन मुख्य घटक होते हैं – एक्सपोजर, कॉग्निटिव फ्रेमिंग, और एक्यूप्रेशर।

पहले व्यक्ति अपने तनाव या चिंता को स्वीकार करता है, फिर उसके साथ टैपिंग करता है जो मानसिक और फिजियोलॉजिकल तनाव को कम करने में सहायता करती है।

क्या पांच मिनट की टैपिंग से आराम मिलता है?

सोशल मीडिया पर टैपिंग को “5-मिनट स्ट्रेस बस्टर” के रूप में पेश किया जाता है, लेकिन सभी के लिए यह तुरंत असरकारी नहीं होती। फिर भी, कुछ लोगों को छोटे से टैपिंग सत्र से आराम या एंग्जायटी में कमी महसूस हो सकती है। 2026 में प्रकाशित एक सिस्टमैटिक रिव्यू में 17 रैंडमाइज्ड ट्रायल्स के आधार पर यह पाया गया कि क्लिनिकल EFT ने साइकोलॉजिकल स्ट्रेस और फिजियोलॉजिकल टेंशन दोनों को कम किया।

इसलिए 5 मिनट की टैपिंग को तुरंत तनाव कम करने वाली तकनीक के रूप में देखा जा सकता है, पर यह स्थायी इलाज नहीं है।

टैपिंग से तनाव कैसे कम होता है?

एनसीबीआई के अनुसार EFT में टैपिंग के साथ-साथ उस समय के तनावपूर्ण विचारों पर ध्यान देना जरूरी होता है। उदाहरण के लिए यदि किसी को प्रेजेंटेशन को लेकर एंग्जायटी है, तो वह उस भावना को पहचान कर एक स्टेटमेंट बोल सकता है और टैपिंग कर सकता है। इससे व्यक्ति असहज विचारों को स्वीकार करता है और उन्हें दूर करता है।

इस प्रक्रिया में इमोशनल एक्सपोजर और कॉग्निटिव रीफ्रेमिंग जैसे तत्व शामिल होते हैं जो मानसिक स्थिति सुधारने में मदद करते हैं।

कैसे करें EFT टैपिंग?

क्लीवलैंड क्लीनिक के मुताबिक, टैपिंग के लिए सबसे पहले अपनी समस्या की पहचान करें और सोचें कि आपको किस बात की चिंता है। उदाहरण के तौर पर, “मुझे आज के काम को लेकर बहुत टेंशन है।”

फिर अपने तनाव की तीव्रता 0 से 10 तक के स्केल पर मापें। इसके बाद एक स्वीकारात्मक स्टेटमेंट बोलें जैसे, “हालांकि मुझे टेंशन है, मैं खुद को शांत करने की कोशिश कर रहा हूं।”

इसके बाद उंगलियों के टिप्स से शरीर के निर्धारित पॉइंट्स पर धीरे-धीरे टैप करें और अपनी भावना पर ध्यान दें। अंत में पुनः 0-10 स्केल पर अपनी तनाव की मात्रा मापें ताकि प्रभाव का पता चले।

टैपिंग तकनीक से स्ट्रेस कम करने में मदद मिलती है और मानसिक शांति मिलती है, हालांकि कुछ मामलों में प्रोफेशनल मदद भी आवश्यक होती है। खासकर जब बात अस्थमा, क्रोनिक पेन, या डिप्रेशन जैसी बीमारियों की हो।

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