नई दिल्ली में तिहाड़ जेल के हाई सिक्योरिटी वार्ड नंबर 8 में संदिग्ध परिस्थितियों में गैंगस्टर नफे उर्फ मंत्री की मौत हो गई। आरोपित लंबे समय से जेल में बंद था और प्रारंभिक जांच में हार्ट अटैक से मौत की संभावना जताई गई है। जेल प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
‘डॉक्टर’ की हत्या का आरोपी
नफे को दिल्ली के छावला थाना क्षेत्र के घुम्मनहेड़ा गांव का रहने वाला बताया गया, जो गैंगस्टर मंजीत महाल के करीबी था। वह विदेश से गैंग चलाने वाले कपिल उर्फ नंदू के जीजा सुनील उर्फ डॉक्टर की हत्या में आरोपी था। इस हत्या के बाद मंजीत महाल और नंदू के बीच गैंगवार शुरू हो गया था। उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था।
मृतक नफे का शव हरि नगर स्थित दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल भेजा गया है, जहां डॉक्टर पोस्टमॉर्टम कर रहे हैं। पुलिस जांच मे मौत की सच्चाई पता लगाने में जुटी है।
अपराधी का लंबा आपराधिक इतिहास
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, नफे के खिलाफ पहला मामला 1998 में जाफरपुर कलां थाने में दर्ज हुआ था। बाद में 2016 में छावला थाने में विजय उर्फ लाला और विजेंद्र उर्फ लीला की हत्या का भी केस दर्ज था। जाफरपुर कलां थाने में विजेंद्र की हत्या का एक और मामला दर्ज था।
आरोप है कि नफे को शक था कि विजेंद्र ने उसकी गैंग की जानकारी नंदू गैंग को दी थी, जिसमें उसके पिता की हत्या हुई थी और उसकी पत्नी शर्मिला और मां कमला भी गंभीर रूप से घायल हुई थीं। नफे ने परिवार की हत्या का बदला लेने के आरोप में सक्रिय भूमिक निभाई थी।
पिछले साल पुलिस ने नफे को भारत-नेपाल सीमा से गिरफ्तार किया था। तिहाड़ जेल के पूर्व लॉ आफिसर सुनील गुप्ता ने बताया कि जेल में अप्राकृतिक मृत्यु होने पर मैजिस्ट्रेट द्वारा अधिकारिक जांच कराई जाती है। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
मंत्री के मरने से गैंगस्टरों के बीच तनाव बढ़ सकता है, क्योंकि उसकी गिरफ्तारी के बाद से कई गैंगवार की घटनाएं सामने आई थीं। जेल प्रशासन से लेकर पुलिस तक मामले का संज्ञान लेकर जांच में व्यस्त हैं।
संदिग्ध मौत की जांच के बाद नए पड़ावों पर प्रकाश डाला जा सकता है, जो इस गैंग वॉर से जुड़े अन्य पहलुओं को सामने लाएगी। ऐसे मामलों में जेल सुरक्षा व्यवस्था और अपराध नियंत्रण पर भी सवाल खड़े होते हैं।
इस घटना से गैंगस्टर मंजीत महाल और नंदू के बीच लंबे समय से चली आ रही टकराव की गहराई भी उभर कर सामने आ सकती है। अपराधियों के बीच इस खतरनाक टकराव की जांच अब पूरी होगी।
