हाल ही में प्लैंक एक्सरसाइज पेट की चर्बी कम करने के लिए बहुत लोकप्रिय हुई है। यह एक्सरसाइज शरीर को पुश-अप जैसी स्थिति में स्थिर करके पेट, पीठ और कोर मांसपेशियों को सक्रिय रखती है। इसे किसी भी महंगे उपकरण के बिना घर पर किया जा सकता है। लेकिन क्या यह एक्सरसाइज सिर्फ कुछ मिनट करने से पेट की चर्बी कम हो जाती है? विशेषज्ञों का मानना है कि केवल प्लैंक से बैली फैट कम नहीं होता।
प्लैंक एक्सरसाइज का मसल्स पर असर
प्लैंक एक ऐसी आइसोमैट्रिक एक्सरसाइज है जिसमें शरीर स्थिर रहता है और मांसपेशियां सक्रिय होती हैं। सही ढंग से करने पर यह पेट की अंदरूनी मांसपेशियां, ऑब्लिक्यूस, पीठ, कूल्हे और कंधों की मसल्स को मजबूत करती है। हार्वर्ड हेल्थ के अनुसार, मजबूत कोर मसल्स से शरीर स्थिर रहता है और दिनचर्या के काम आसान होते हैं। इसलिए प्लैंक का फायदा केवल पेट की मसल्स तक सीमित नहीं है।
प्लैंक के दौरान पेट की गहरी मांसपेशी Transverse Abdominis और शरीर के दोनों किनारों की ऑब्लिक्यूस सक्रिय होती हैं। इसके अलावा पीठ और ग्लूट्स की मसल्स भी एक्सरसाइज में काम करती हैं, जो posture सुधारने और शरीर का संतुलन बनाए रखने में मदद करती हैं।
क्या प्लैंक से पेट की चर्बी कम होती है?
मैयोक्लीनिक के अनुसार, प्लैंक पेट की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि यह सीधे पेट की चर्बी को खत्म कर देता है। स्पॉट रिडक्शन का कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है, यानी किसी एक खास हिस्से की एक्सरसाइज से वहां की चर्बी कम नहीं होती। पेट की चर्बी घटाने के लिए पूरे शरीर की चर्बी कम करना जरूरी है।
सीडीसी के मुताबिक, वजन घटाने में सफल होने के लिए संतुलित आहार और नियमित व्यायाम जैसे वॉकिंग, साइकिलिंग या एरोबिक्स भी जरूरी हैं। प्लैंक वेट लॉस की दिनचर्या में सहायक हो सकती है, लेकिन अकेले इसे इस उद्देश्य के लिए नहीं अपनाना चाहिए।
प्लैंक से कैलोरी खर्च जरूर होती है, लेकिन तेज चलने या दौड़ने जैसी एक्सरसाइज की तुलना में यह कम होती है क्योंकि इसमें शरीर ज्यादा मूव नहीं करता। कैलोरी डेफिसिट बनाए रखने के लिए खाने पर नियंत्रण और शारीरिक गतिविधि दोनों पर ध्यान देना जरूरी है।
शुरुआतीों के लिए नेशनल एकेडमी ऑफ स्पोर्ट्स मेडिसिन प्लैंक को 10-15 सेकंड के सेट से शुरू करने की सलाह देती है। धीरे-धीरे समय बढ़ाते रहना चाहिए, लेकिन सही तकनीक बनाए रखना जरूरी है। गलत मुद्रा से चोट लग सकती है और फायदे कम हो सकते हैं।
अगर किसी को सामान्य प्लैंक करना मुश्किल लगे तो Modified Plank या Wall Plank से शुरुआत कर सकते हैं। यह कम दबाव वाले विकल्प हैं जो धीरे-धीरे ताकत बढ़ाने में मदद करते हैं। कमर या कंधे में दर्द होने पर एक्सरसाइज रोक देना चाहिए।
इसके अलावा, अनियंत्रित हाई बीपी, हृदय रोग, हाल ही में सर्जरी, गर्भावस्था, या किसी गंभीर चोट वाले लोगों को डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही प्लैंक करना चाहिए। कुल मिलाकर, प्लैंक एक्सरसाइज शरीर की स्थिरता और मसल्स मजबूती के लिए अच्छा है, लेकिन मोटापा कम करने के लिए संतुलित तालमेल जरूरी है।
