अमेरिका में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्र अब ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (OPT) के जरिए जॉब करने का मौका पा रहे हैं। OPT के तहत छात्र अपने अध्ययन से जुड़े क्षेत्रों में 12 महीने तक काम कर सकते हैं। इस साल भी कई भारतीय छात्र OPT पर काम कर रहे हैं, लेकिन इसके लिए कुछ महत्वपूर्ण बातें जानना जरूरी है।
OPT के प्रकार और अवधि
OPT मुख्यतः दो प्रकार का होता है: प्री-कंपलीशन और पोस्ट-कंपलीशन। प्री-कंपलीशन OPT उन छात्रों को दिया जाता है जो अपनी पढ़ाई के दौरान प्रशिक्षण लेना चाहते हैं, जिसमें वे प्रति सप्ताह 20 घंटे तक काम कर सकते हैं। वहीं, पोस्ट-कंपलीशन OPT तब मिलता है जब छात्र अपनी पढ़ाई पूरी कर लेते हैं और फुल-टाइम या पार्ट-टाइम काम कर सकते हैं। कुल मिलाकर OPT की अवधि 12 महीने होती है, लेकिन प्री-कंपलीशन OPT की अवधि पोस्ट-कंपलीशन से घटाई जाती है।
उदाहरण के लिए, अगर किसी छात्र को पढ़ाई के अंतिम साल में 6 महीने की प्री-कंपलीशन OPT मिली है, तो पोस्ट-कंपलीशन OPT के लिए वह केवल 6 महीने के लिए ही पात्र होगा।
STEM क्षेत्र के छात्रों के लिए विस्तार
STEM के छात्रों को OPT अवधि में अतिरिक्त 24 महीने का विस्तार मिलने का भी अवसर मिलता है। इसके लिए जरूरी है कि छात्र F-1 वीजा हो, उनका कोर्स USCIS द्वारा मान्यता प्राप्त STEM श्रेणी में हो, और वे ऐसे नियोक्ता के साथ कार्यरत हों जो E-Verify सिस्टम में पंजीकृत हो। STEM एक्सटेंशन पाने के लिए छात्र को अपनी प्राथमिक पोस्ट-कंपलीशन OPT की मंजूरी भी जरूरी होती है।
OPT के लिए आवेदन USCIS की वेबसाइट पर Form I-765 के माध्यम से किया जाता है। आवेदन प्रक्रिया और समय सीमा इस बात पर निर्भर करती है कि छात्र किस प्रकार का OPT चाहते हैं और क्या उनकी डिग्री STEM कोर्सेज में आती है। आवेदन से जुड़ी पूरी जानकारी USCIS की आधिकारिक साइट से प्राप्त की जा सकती है।
OPT के बाद कई छात्र H-1B वर्क वीजा के लिए आवेदन करते हैं। इस प्रक्रिया में, OPT काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है क्योंकि H-1B के लिए आवेदन के दौरान कैप-गैप एक्सटेंशन के विकल्प उपलब्ध हो सकते हैं। यह एक्सटेंशन तब मिलता है जब H-1B याचिका OPT या STEM OPT की वैध अवधि के दौरान फाइल की जाती है। कैप-गैप एक्सटेंशन छात्र को H-1B वीजा शुरू होने तक कार्यरत रहने की अनुमति देता है।
हालांकि, हाल के समय में PAUSE Act के कारण H-1B और OPT के नियमों में बदलाव की आशंका बनी हुई है, जो भारतीय छात्रों और कामगारों के लिए चुनौतियां पैदा कर सकती है। इसलिए छात्रों को नवीनतम नियमों और प्रक्रियाओं की जानकारी रखना आवश्यक है।
भारतीय छात्र जो OPT पर काम करना चाहते हैं, उन्हें आवेदन से पहले सभी नियम और योग्यता की शर्तों को ध्यान से समझना चाहिए। साथ ही, अपने नियोक्ता के साथ OPT की वैधता और कार्यशैली पर स्पष्ट समझ बनाना भी जरूरी है। सही जानकारी और योजना के साथ OPT से जुड़ी जटिलताओं से बचे जा सकते हैं।
इस प्रकार OPT भारतीय छात्रों के लिए अमेरिकी नौकरी बाजार में पहला कदम है। इसके सफल उपयोग से वे अपने करियर को एक नई दिशा दे सकते हैं। ध्यान रहे कि नियमों का पालन करना और समय-समय पर अपडेट रहना सबसे अहम है।
