राजस्थान के कोटा में एक बार फिर कोचिंग छात्रों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। कुन्हाड़ी थाना क्षेत्र में 19 वर्षीय एक NEET की तैयारी कर रहे छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। छात्र को उसके हॉस्टल के बाथरूम में बेहोश पाया गया था। उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं सके।
हॉस्टल में मिली संदिग्ध हालत
जानकारी के अनुसार मृतक छात्र कोटा के कुन्हाड़ी थाना क्षेत्र के श्रीजी रेजिडेंसी हॉस्टल में रहता था। वह यहीं रहते हुए मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET की तैयारियों में जुटा हुआ था। शनिवार सुबह छात्र अपने कमरे के बाथरूम में बेहोशी की हालत में पाया गया, जिससे हॉस्टल में मौजूद छात्रों और स्टाफ में अफरा-तफरी मच गई।
घटना की जानकारी मिलते ही हॉस्टल की ओर से तुरंत उसे एमबीएस अस्पताल कोटा ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसकी हालत की जांच की, लेकिन उपचार के बावजूद उसकी जान नहीं बच सकी। डॉक्टरों ने मृतक छात्र को मृत घोषित कर दिया।
पुलिस जांच और परिवार को सूचना
मृतक छात्र बिहार के दरभंगा जिले का रहने वाला था। वह मेडिकल की पढ़ाई के लिए कोटा में नीट की तैयारी कर रहा था। छात्र की मौत की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है, जिससे परिजन गहरे सदमे में हैं।
पुलिस ने शव को एमबीएस अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है और मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है। कुन्हाड़ी थाना पुलिस पूरे प्रकरण के तमाम पहलुओं की पड़ताल कर रही है और संभावित कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट की रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल यह माना जा रहा है कि यह आकस्मिक घटना हो सकती है, लेकिन जांच पूरी होने तक कोई नतीजा नहीं निकाला जाएगा।
कोटा में पिछले कुछ समय में कोचिंग छात्रों के सुरक्षा मामलों को लेकर स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारी सतर्क हैं। यह घटना फिर से उन चिंताओं को हवा देती है कि छात्रों की सुरक्षा के लिए बेहतर इंतजाम किए जाएं।
इस बीच हॉस्टल प्रशासन ने भी मामले में सहयोग का आश्वासन दिया है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़ी सतर्कता बरतने का वादा किया है। परिवार और पुलिस दोनों को इस दुखद घटना की पूरी सच्चाई सामने लाना महत्वपूर्ण होगा।
चोरी-छिपे हुई इस मौत ने कोटा के कोचिंग माहौल में एक बार फिर से चिंताएं बढ़ा दी हैं। सभी चाहते हैं कि छात्रों को सुरक्षित वातावरण मिले ताकि वे अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान केंद्रित कर सकें। जांच पूरी होने तक हालात प्रगति पर हैं और पुलिस आगे की जांच में लगी हुई है।
