रफ्तार और बल्ले से दम दिखाया, क्या टीम इंडिया को मिल गया दूसरा हार्दिक?

न्यूजीलैंड के खिलाफ तीनों फॉर्मेट की भारतीय क्रिकेट टीमों में शामिल नीतीश कुमार रेड्डी ने टीम मैनेजमेंट का विश्वास जीत लिया है। 25 साल के ऑलराउंडर रेड्डी को हार्दिक पंड्या की जगह आने वाला संभावित विकल्प माना जा रहा है, जो लगातार चोटों से परेशान रहते हैं। उन्होंने अपनी हर क्षमता के बल पर चयनकर्ताओं के भरोसे को सही साबित किया है।

टी20 सीरीज में प्रभावशाली प्रदर्शन

क्राइस्टचर्च में खेले गए पहले टी20 मैच में नीतीश ने चार ओवर गेंदबाजी की और मयंक यादव के साथ 10 की बेहतरीन इकॉनमी रेट बनाए। खास बात यह रही कि उन्हें आखिरी महत्वपूर्ण 19वें ओवर की जिम्मेदारी मिली। दूसरे मैच के 19वें ओवर में उन्होंने सिर्फ 14 रन दिए और एक विकेट भी लिया। गेंदबाजी के बाद, बल्लेबाजी में भी उन्होंने तिलक वर्मा के साथ मिलकर टीम को मुश्किल से जीत दिलाई।

वहीं, तिलक वर्मा के साथ उनकी 30 गेंदों में नाबाद 69 रनों की साझेदारी ने मैच का रुख बदल दिया। रेड्डी ने 13 गेंदों में 26 रन बनाकर टीम की जीत सुनिश्चित की। उनके इस प्रदर्शन के बाद टीम प्रबंधन ने उन्हें शिवम दुबे के ऊपर प्राथमिकता देनी शुरू कर दी है।

गेंदबाजी में सुधार और कोच की तारीफ

भारतीय गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल ने कहा है कि नीतीश भविष्य में तीनों फॉर्मेट के बेहतरीन ऑलराउंडर बन सकते हैं। मोर्केल के मुताबिक, रेड्डी के पास ऐसी गेंदबाजी तकनीक है जो बल्लेबाजों को परेशान कर सकती है। आईपीएल 2026 से पहले उन्होंने इंग्लैंड के पूर्व काउंटी क्रिकेटर स्टेफन जोन्स के साथ ट्रेनिंग की, जिससे उनकी रफ्तार 120-125 से बढ़कर लगातार 135 किमी प्रति घंटे हो गई है।

इस तेज गेंदबाजी सुधार ने नीतीश को अपने प्रदर्शन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में मदद की है, जो टीम की जरूरतों के मुताबिक एक अहम भी है। उनके पास गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों में संतुलित खेल दिखाने की ताकत है।

नीतीश रेड्डी का 2024 में ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर एमसीजी टेस्ट में शतक बनाना उनकी बल्लेबाजी क्षमता का बड़ा सबूत रहा। उन्होंने पैट कमिंस, मिचेल स्टार्क और नाथन लायन जैसे दिग्गज गेंदबाजों का सामना करते हुए अपने बल्ले से प्रभाव छोड़ा।

हालांकि, उनकी सबसे बड़ी चुनौती फिटनेस है। हॉर्निया की चोट और घुटने की समस्या के कारण वे कुछ समय से बाहर रहे हैं। हाल ही में क्वाड्रिसेप्स इंजरी ने भी उनकी वापसी में बाधा डाली। टीम मैनेजमेंट पर यह जिम्मेदारी है कि वे नीतीश के वर्कलोड को मैनेज करें और उन्हें पूरी तरह फिट रखें।

टीम इंडिया में हार्दिक पंड्या की जगह संभावित विकल्प बनते जा रहे नीतीश रेड्डी की फिटनेस और प्रदर्शन पर टीम का पूरा ध्यान है। अगर वे नियमित फिट रहेंगे तो आने वाले समय में भारत के लिए अहम भूमिका निभा सकते हैं। भारतीय टीम के पास अब एक और बहुमुखी खिलाड़ी मौजूद है जो तीनों फॉर्मेट में टीम को मजबूती दे सकता है।

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