नई दिल्ली, भारत
भारत में स्मार्टफोन खरीदने वाले ग्राहकों पर महंगाई का असर बढ़ता दिखाई दे रहा है। 2026 की पहली छमाही में देश में मोबाइल फोन की कीमतों में औसतन 16 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। कीमतों में इस वृद्धि के पीछे मेमोरी कंपोनेंट की लागत बढ़ना और रुपये की कमजोरी प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं।
मार्केट रिसर्च फर्म काउंटरपॉइंट रिसर्च के अनुसार, रुपये की कमजोरी के कारण आयात किए जाने वाले कंपोनेंट की लागत बढ़ी है। इसका सीधा असर मोबाइल फोन बनाने वाली कंपनियों और स्थानीय निर्माताओं पर पड़ा है। बढ़ती लागत के चलते कंपनियों को स्मार्टफोन की कीमतों में बढ़ोतरी करनी पड़ी है।
10 हजार रुपये से कम वाले फोन सबसे ज्यादा महंगे
कम कीमत वाले स्मार्टफोन सेगमेंट पर इसका सबसे ज्यादा असर देखने को मिला है। 10 हजार रुपये से कम कीमत वाले स्मार्टफोन की औसत कीमत में 32 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इसी श्रेणी में थोक बिक्री में भी सालाना आधार पर 65 प्रतिशत की सबसे बड़ी गिरावट आई है।
इसका मतलब है कि बजट स्मार्टफोन खरीदने वाले ग्राहकों के लिए पहले की तुलना में कम कीमत में फोन उपलब्ध होना मुश्किल हो सकता है। कीमत बढ़ने के साथ इस श्रेणी की मांग में भी उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।
10 से 15 हजार रुपये वाले फोन की बिक्री भी घटी
10 हजार से 15 हजार रुपये की कीमत वाले स्मार्टफोन सेगमेंट में भी बिक्री में गिरावट दर्ज की गई है। इस श्रेणी में सालाना आधार पर बिक्री 20 प्रतिशत कम हुई है।
रिसर्च के मुताबिक, कीमतों में वृद्धि और बाजार में मांग के कमजोर रहने का असर पूरे स्मार्टफोन उद्योग पर पड़ सकता है। काउंटरपॉइंट रिसर्च ने अनुमान जताया है कि 2026 के दौरान देश के कुल स्मार्टफोन बाजार में दो अंकों की गिरावट आ सकती है।
दूसरी तिमाही में औसत कीमत 318 डॉलर
अप्रैल से जून 2026 के दौरान देश में स्मार्टफोन की औसत बिक्री कीमत 318 डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। यह आंकड़ा बताता है कि भारतीय स्मार्टफोन बाजार में औसत डिवाइस कीमत लगातार ऊपर जा रही है।
मेमोरी कंपोनेंट की बढ़ती लागत के साथ रुपये की कमजोरी ने कंपनियों की लागत पर अतिरिक्त दबाव डाला है। आयातित कंपोनेंट महंगे होने से स्थानीय स्तर पर फोन बनाने वाली कंपनियों के लिए भी उत्पादन लागत बढ़ी है।
बाजार में कीमतों में बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा असर बजट सेगमेंट पर पड़ा है। 10 हजार रुपये से कम कीमत वाले स्मार्टफोन की कीमत में 32 प्रतिशत की वृद्धि और बिक्री में 65 प्रतिशत की गिरावट इस बदलाव को स्पष्ट रूप से दिखाती है। वहीं, पूरे वर्ष स्मार्टफोन बाजार में दो अंकों की संभावित गिरावट के अनुमान से कंपनियों के सामने कीमत और मांग के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौती बढ़ गई है।
