हिमाचल में कम होने के बजाय बढ़ी गरीब परिवारों की संख्या, नए सर्वे में 2.87 लाख परिवार सूची में शामिल

शिमला, हिमाचल प्रदेश

हिमाचल प्रदेश में गरीब परिवारों की संख्या कम होने के बजाय बढ़ गई है। सरकार की ओर से कराए गए नए सर्वे के बाद प्रदेश में गरीब परिवारों की कुल संख्या 2.66 लाख से बढ़कर करीब 2.87 लाख हो गई है। इस तरह पिछली संख्या की तुलना में लगभग 21 हजार परिवारों का इजाफा हुआ है।

नए सर्वे के आधार पर गरीब परिवारों के चयन की प्रक्रिया नौ चरणों में पूरी की गई है। नौवें चरण में करीब 1.09 लाख परिवारों का चयन किया गया है। इसके साथ ही प्रदेश में गरीब परिवारों की संशोधित संख्या करीब 2.87 लाख पहुंच गई है।

1.50 लाख परिवार पहली बार गरीब सूची में शामिल

नए आंकड़ों में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि करीब 1.50 लाख ऐसे परिवार हैं, जिन्हें पहली बार गरीब परिवारों की सूची में शामिल किया गया है। इससे पहले ये परिवार इस सूची में शामिल नहीं थे।

सरकार अब सर्वे के आधार पर चयनित परिवारों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने की दिशा में काम कर रही है। इसका उद्देश्य केवल गरीब परिवारों की पहचान कर उन्हें सूची में शामिल करना नहीं, बल्कि उन्हें सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ दिलाना है।

रोजगार और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने की तैयारी

सरकार की योजना चयनित परिवारों को उनकी जरूरत के अनुसार रोजगार, स्वरोजगार, आवास, सामाजिक सुरक्षा और अन्य सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की है। इसके लिए सर्वे में सामने आए परिवारों की स्थिति के आधार पर उन्हें संबंधित योजनाओं से जोड़े जाने की दिशा में काम किया जाएगा।

नए सर्वे के बाद गरीब परिवारों की संख्या में हुई वृद्धि ने प्रदेश में गरीबी की स्थिति को लेकर भी चर्चा बढ़ा दी है। पहले गरीब परिवारों की संख्या 2.66 लाख बताई गई थी, लेकिन नए सर्वे में यह आंकड़ा बढ़कर 2.87 लाख हो गया।

नौ चरणों में पूरी हुई चयन प्रक्रिया

प्रदेश में गरीब परिवारों के चयन की प्रक्रिया अलग-अलग चरणों में आगे बढ़ाई गई। नौवें चरण में 1.09 लाख परिवारों का चयन पूरा किया गया। इसके बाद अब सरकार के सामने इन परिवारों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की चुनौती है।

करीब 1.50 लाख परिवारों का पहली बार सूची में शामिल होना भी सरकार के लिए महत्वपूर्ण है। इन परिवारों को सरकारी सहायता से जोड़कर उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार लाने की कोशिश की जाएगी। सरकार का जोर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ आवास और सामाजिक सुरक्षा जैसी आवश्यक सुविधाओं तक पहुंच सुनिश्चित करने पर रहेगा।

नए सर्वे के आंकड़ों से स्पष्ट है कि प्रदेश में गरीब परिवारों की संख्या पहले के अनुमान से अधिक सामने आई है। अब सरकार की योजनाओं का वास्तविक प्रभाव इस बात से तय होगा कि सूची में शामिल परिवारों को कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल पाता है।

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