जमुई, बिहार
जमुई में नाबालिग छात्रा से कथित छेड़छाड़ के मामले में गिरफ्तार हरेराम यादव को बुधवार को अदालत में पेश किया गया। चिकित्सकीय जांच में फिट घोषित किए जाने के बाद पुलिस ने उसे पॉक्सो (POCSO) एक्ट के विशेष न्यायाधीश महेश्वर दुबे की अदालत में पेश किया। अदालत ने आरोपी को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
आरोपी की पेशी के दौरान न्यायालय परिसर में कुछ देर के लिए अफरातफरी की स्थिति बन गई। बताया गया कि अधिवक्ता आकाश पांडेय ने हरेराम यादव को थप्पड़ मार दिया। घटना के बाद पुलिस और वहां मौजूद लोगों ने स्थिति को संभाला।
अधिवक्ता ने जताया आक्रोश
घटना के बाद अधिवक्ता आकाश पांडेय ने कहा कि मामले को लेकर उनके भीतर काफी आक्रोश था, जिसके चलते उन्होंने आरोपी को थप्पड़ मारा। उन्होंने इसे पीड़िता के प्रति समर्थन और घटना के खिलाफ अपनी नाराजगी के तौर पर बताया।
हालांकि, न्यायालय परिसर में इस तरह की घटना कानून-व्यवस्था और न्यायिक प्रक्रिया के लिहाज से गंभीर मानी जाती है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई संबंधित अधिकारियों के स्तर पर तय की जाएगी।
तीन नाबालिगों में एक बालिग निकला
जमुई के पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल के अनुसार, मामले में पहले निरुद्ध किए गए तीन नाबालिगों में से जांच के दौरान एक व्यक्ति के बालिग होने की पुष्टि हुई है।
पुलिस के मुताबिक, इस मामले में अब तक कुल आठ लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। इनमें कथित छेड़छाड़ के आरोप में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मामले से संबंधित वीडियो वायरल करने के आरोप में तीन अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
जांच जारी
पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की भूमिका की अलग-अलग स्तर पर पड़ताल की जा रही है। वीडियो वायरल किए जाने से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
नाबालिग से जुड़े मामले में पॉक्सो कानून के प्रावधान लागू हैं। ऐसे मामलों में पीड़िता की पहचान उजागर न करना और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान कानूनी प्रावधानों का पालन करना महत्वपूर्ण होता है। अदालत के समक्ष पेशी के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और आगे की कार्रवाई जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार होगी।
