मुंबई, महाराष्ट्र
टाटा समूह की कंपनियों को लेकर चल रहे कॉरपोरेट गवर्नेंस विवाद के बीच भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने समूह की कई कंपनियों में अपना निवेश बढ़ाया है। एन चंद्रशेखरन और नोएल टाटा के बीच कथित मतभेदों के बावजूद LIC की टाटा समूह की कंपनियों में हिस्सेदारी बढ़ी है। जून 2022 के बाद समूह की 10 लिस्टेड कंपनियों में LIC की हिस्सेदारी बढ़ने से उसके निवेश का कुल मूल्य 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।
मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, प्राइम डेटाबेस के आंकड़ों में यह जानकारी सामने आई है। टाटा समूह की 14 लिस्टेड कंपनियों में से 10 में जून 2022 के बाद LIC की हिस्सेदारी बढ़ी है।
इनमें टाटा एल्क्सी प्रमुख है। जून 2022 में कंपनी में LIC की हिस्सेदारी 1.04 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 6.59 प्रतिशत हो गई है। वहीं, टाटा समूह की रिटेल कंपनी ट्रेंट में LIC की हिस्सेदारी जून 2022 में शून्य थी, जो अब 3 प्रतिशत से अधिक हो गई है।
वैल्यू के लिहाज से LIC का टाटा समूह में सबसे बड़ा निवेश TCS में है। TCS में LIC की 5.52 प्रतिशत हिस्सेदारी की वैल्यू करीब 41,960 करोड़ रुपये बताई गई है। यह टाटा समूह में LIC के कुल निवेश का लगभग 40 प्रतिशत है।
टाटा स्टील में LIC की 6.3 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जिसकी वैल्यू 14,000 करोड़ रुपये से अधिक है। वहीं, टाटा केमिकल्स में LIC की हिस्सेदारी जून 2022 के 6.79 प्रतिशत से बढ़कर 9.24 प्रतिशत हो गई है।
हालांकि, सभी कंपनियों में LIC ने निवेश नहीं बढ़ाया। टाटा कम्युनिकेशंस, टाटा मोटर्स, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स और टाइटन में हिस्सेदारी बढ़ोतरी नहीं हुई। टाइटन में LIC की हिस्सेदारी घटकर 2.17 प्रतिशत रह गई है।
