मुंबई में कामकाजी लोगों के लिए एक नई राहत योजना शुरू की गई है, जिसका नाम है ‘वाई-ब्रेक’ प्रोटोकॉल। आयुष मंत्रालय द्वारा जारी इस योजना का उद्देश्य कर्मचारियों को लंबे समय तक काम करते रहने के दौरान तनाव से मुक्ति और मानसिक ताजगी प्रदान करना है। खासतौर पर दीपावली जैसे त्योहारों के समय जब ऑफिस और घर दोनों की जिम्मेदारियां बढ़ जाती हैं, तब यह पहल और भी महत्वपूर्ण साबित होती है।
क्या है वाई-ब्रेक प्रोटोकॉल?
आयुष मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि वाई-ब्रेक एक ऐसा ब्रेक प्रोटोकॉल है जिसमें काम के बीच छोटे-छोटे योग अभ्यास शामिल हैं। यह प्रोटोकॉल विशेष रूप से ऑफिस में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए डिजाइन किया गया है ताकि वे कुछ मिनटों के लिए काम से विराम लेकर खुद को तरोताजा महसूस करा सकें। इसमें योग के आसन, प्राणायाम और ध्यान के सरल अभ्यास शामिल हैं जिन्हें बिना किसी बड़ी तैयारी के किया जा सकता है।
कोई योग मैट या खास जगह भी इसके लिए जरूरी नहीं है, जिससे कर्मचारियों को यह अभ्यास अपनी सुविधा के अनुसार कहीं भी करना आसान होगा। इस पहल की खासियत यही है कि इसे ऑफिस की कुर्सी पर बैठे-बैठे भी अपनाया जा सकता है।
योगाभ्यास से क्या फायदे मिलेंगे?
वाई-ब्रेक में शामिल योग के तीन मुख्य अभ्यास हैं – आसन, प्राणायाम और ध्यान। आसन शरीर को सक्रिय और हल्का बनाए रखने में सहायक होते हैं। प्राणायाम सांस लेने की प्रक्रिया पर आधारित है जो मानसिक शांति और तनाव कम करने में मदद करता है। वहीं, ध्यान से मन की एकाग्रता बढ़ती है और मानसिक सुकून मिलता है। ये अभ्यास न केवल तनाव को कम करते हैं बल्कि काम पर फिर से ध्यान केंद्रित करने की शक्ति भी बढ़ाते हैं।
दीपावली जैसे त्योहारों के दौरान जब काम का दबाव सामान्य से ज्यादा हो जाता है, ऐसे में वाई-ब्रेक प्रोटोकॉल कर्मचारियों के लिए तनाव मुक्त रहने का एक उपयोगी तरीका साबित हो सकता है। साथ ही, यह शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से स्वस्थ रहने में मदद करता है।
आयुष मंत्रालय के इस प्रयास से उम्मीद की जा रही है कि ऑफिस में योगाभ्यास को बढ़ावा मिलेगा और कर्मचारी बेहतर तरीके से अपने काम को निभा पाएंगे। कर्मचारियों की सेहत और काम की गुणवत्ता दोनों में सुधार होगा।
वर्क फ्रॉम होम और ऑफिस वर्क दोनों ही जगहों पर ये योग अभ्यास लागू किए जा सकते हैं। इससे लोगों को काम के दौरान छोटे-छोटे ब्रेक लेकर मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य का ध्यान रखने का अवसर मिलेगा।
आयुष मंत्रालय ने इस पहल को अपनाने के लिए सभी कार्यालयों और कंपनियों को प्रोत्साहित किया है ताकि कर्मचारी अपनी दिनचर्या में योग को शामिल कर सकें। यह योजना खासकर उन कामगारों के लिए उपयोगी होगी जो निरंतर कंप्यूटर स्क्रीन के सामने बैठकर काम करते हैं।
आयुष मंत्रालय ने कहा है कि वाई-ब्रेक प्रोटोकॉल से न केवल तनाव कम होगा बल्कि कर्मचारी अधिक ऊर्जा के साथ अपने काम को पूरा कर सकेंगे। यह एक छोटा लेकिन प्रभावशाली कदम है जिसे अपनाकर स्वस्थ और उत्पादक जीवनशैली बनाई जा सकती है।
