मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीपावली के अवसर पर चित्रकूट में एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि चित्रकूट में महाकाल लोक की तर्ज पर भव्य वनवासी राम लोक का निर्माण होगा। साथ ही, ओरछा में राम राजा लोक का विकास किया जाएगा। यह कदम प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को नई दिशा देने की योजना का हिस्सा है।
चित्रकूट और ओरछा में धार्मिक स्थल विकास
सीएम ने कहा कि भारत की संस्कृति विशिष्ट है और धार्मिक स्थलों का विकास श्रद्धालुओं की आस्था के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने बताया कि महाकाल लोक की तरह बने ये दोनों परियोजनाएं प्रदेश के धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहित करेंगी। सीएम मोहन यादव ने कहा कि इससे देशभर के श्रद्धालु बेहतर सुविधाओं के साथ इन स्थलों का आनंद ले पाएंगे।
दीपावली के अवसर पर चित्रकूट में तपोभूमि पवित्र मंदाकिनी नदी में दीपदान करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश और देश के लोगों की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने मंदिरों और संतों को सम्मानित भी किया। यह कार्यक्रम श्रद्धालुओं में दीपावली की खास खुशी लेकर आया।
स्वागत योग्य सड़क और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं
एक अन्य महत्वपूर्ण घोषणा के तहत सीएम ने चित्रकूट धाम से गुप्त गोदावरी तक बनने वाली फोरलेन सड़क का भूमि पूजन किया। इस सड़क के निर्माण पर 81.17 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए सफर आसान व आरामदायक होगा। उन्होंने मेला क्षेत्र में पीपा पुल का निरीक्षण भी किया जो श्रद्धालुओं की अतिरिक्त सुविधा देगा।
साथ ही, चित्रकूट में भोपाल और उज्जैन की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के प्रति सीएम ने गर्व व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भगवान राम ने इस जगह पर वनवास के 11 वर्ष बिताए थे, इसलिए चित्रकूट को उनकी तपोभूमि माना जाता है। इस क्षेत्र का धार्मिक महत्व अलग पहचान रखता है।
दीपोत्सव मेले में भी मुख्यमंत्री की उपस्थिति रही। उन्होंने घाट पर दीपदान किया, मंदिर में पूजा-अर्चना की और श्रद्धालुओं को मिठाई वितरित की। यहां लोगों से बातचीत करते हुए उन्होंने स्थानीय बच्चों से भी मिलकर उनका उत्साह बढ़ाया।
मेला क्षेत्र में स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण करते हुए डॉ. मोहन यादव ने बताया कि मेडिकल सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएंगी ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी आपातकालीन स्थिति में मदद मिल सके। यह आयोजन सुरक्षित और सुव्यवस्थित तरीके से चलाने के लिए प्रशासन ने कई इंतजाम किए हैं।
इस दौरान मुख्यमंत्री का एक अनूठा पहलू भी सामने आया जब उन्होंने सड़क किनारे एक चाय की दुकान पर जाकर खुद कुल्हड़ वाली चाय बनाई और पी। यह आम जनता के बीच उनकी सादगी और जुड़ाव को दर्शाता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से वक्त बिताकर उनकी बात सुनी और उनकी समस्याओं को समझा।
डॉ. मोहन यादव ने अंत में मध्यप्रदेश की धार्मिक, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण व विकास की प्रतिबद्धता जताई और प्रदेश के लोगों को दीपावली की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि सरकार धार्मिक स्थलों को निखारने का कार्य जारी रखेगी ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा सुखद और यादगार रहे।
