शिमला, हिमाचल प्रदेश
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में तीन दिन के अवकाश के बाद सोमवार को सदन की कार्यवाही फिर शुरू होगी। कार्यवाही के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर टकराव के आसार हैं। राष्ट्रगान और राष्ट्र गीत के मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के खिलाफ दिए गए विशेषाधिकार हनन नोटिस पर भी विपक्ष चर्चा की मांग कर सकता है।
भाजपा ने सरकार को घेरने के लिए बढ़ते सरकारी ऋण, कर्मचारियों और पेंशनरों के लंबित डीए तथा एरियर और कांग्रेस की 10 चुनावी गारंटियों को प्रमुख मुद्दा बनाया है। विपक्ष इन विषयों पर सरकार से स्थिति स्पष्ट करने और आवश्यक होने पर श्वेतपत्र जारी करने की मांग करेगा।
बारिश से प्रदेश में हुए नुकसान का मुद्दा भी सदन में उठने की संभावना है। विपक्ष सड़कों और पेयजल योजनाओं की बहाली, प्रभावित परिवारों को राहत राशि के वितरण और आपदा के बाद किए गए कार्यों की जानकारी सरकार से मांग सकता है। इसके अलावा महिलाओं को 1500 रुपये की सम्मान निधि, युवाओं को रोजगार और किसानों से संबंधित चुनावी वादों की प्रगति पर भी सरकार से जवाब मांगा जाएगा।
मुख्यमंत्री के खिलाफ विपक्ष की ओर से दिया गया विशेषाधिकार हनन नोटिस विधानसभा सचिव यशपाल शर्मा के माध्यम से अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया के पास आगामी कार्रवाई के लिए पहुंचेगा। मुख्यमंत्री सुक्खू ने भी भाजपा के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस देने की बात कही थी। हालांकि, विधानसभा सचिवालय को अभी उनकी ओर से ऐसा कोई नोटिस नहीं मिला है।
प्रश्नकाल के लिए कुल 109 प्रश्न सूचीबद्ध किए गए हैं। इनमें भाजपा विधायक सुधीर शर्मा का राज्य चयन आयोग और लोक सेवा आयोग में विभागों की ओर से रिक्त पद भरने से संबंधित प्रश्न भी शामिल है। जेबीटी और टीजीटी के बैचवाइज भर्ती के तहत खाली पदों को लेकर भी सवाल पूछे जाएंगे।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि सरकार सवालों के सीधे जवाब नहीं दे रही है। वहीं, संसदीय कार्यमंत्री हर्षवर्धन चौहान ने भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष के पास प्रदेश के लोगों से जुड़े मुद्दे नहीं हैं।
ऐसे में सोमवार को सदन की कार्यवाही हंगामेदार रहने की संभावना है।
