वॉशिंगटन, अमेरिका
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर दो AI-जनरेटेड वीडियो साझा किए हैं। इन वीडियो में ईरान पर अमेरिकी सैन्य हमले दिखाए गए हैं। इनमें से एक वीडियो को खर्ग द्वीप पर अमेरिकी बमबारी से जोड़कर पेश किया गया है। हालांकि, खर्ग द्वीप पर वास्तविक अमेरिकी हमले की अब तक कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
वीडियो में एक तेल भंडारण टैंक और तेल टैंकर में जोरदार विस्फोट दिखाई देता है। आसमान में एक लड़ाकू विमान भी नजर आता है। पोस्ट के साथ किए गए दावे में कहा गया कि खर्ग द्वीप तबाह हो गया है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार यह फुटेज AI की मदद से तैयार किया गया है।
ट्रंप की यह पोस्ट अमेरिकी सेना की ओर से होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थित लारक द्वीप पर की गई कार्रवाई के कुछ घंटों बाद सामने आई। अमेरिका ने दावा किया कि उसकी कार्रवाई का उद्देश्य ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की उन गतिविधियों को रोकना था, जिनसे समुद्री मार्ग पर बारूदी सुरंगों का खतरा पैदा हो रहा था।
इसके जवाब में ईरान ने अमेरिका के सहयोगी देशों में मौजूद सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के मुताबिक जॉर्डन में स्थित दो अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं। जॉर्डन की सेना ने आठ मिसाइलों को रोकने का दावा किया है।
ईरान के लिए क्यों अहम है खर्ग द्वीप?
खर्ग द्वीप ईरान के लिए बेहद महत्वपूर्ण तेल निर्यात केंद्र है। युद्ध शुरू होने से पहले ईरान के कच्चे तेल निर्यात का बड़ा हिस्सा इसी द्वीप से संचालित होता था। यहां बड़े तेल टैंकरों के लिए समुद्र की गहराई भी अनुकूल है।
इसी वजह से खर्ग द्वीप पर किसी भी संभावित हमले का ईरान के तेल निर्यात और अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ सकता है। फिलहाल ट्रंप के AI वीडियो और वास्तविक सैन्य कार्रवाई के बीच अंतर स्पष्ट रखना जरूरी है।
