शिमला, हिमाचल प्रदेश
हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों ने यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा और मेहनत के सामने सीमित संसाधन भी बड़ी बाधा नहीं बन सकते। महंगी कोचिंग और बड़े शहरों की आधुनिक सुविधाओं के बिना प्रदेश के सरकारी स्कूलों के 76 विद्यार्थियों ने जेईई मेन्स जैसी कठिन राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा क्वालीफाई की है। इन विद्यार्थियों ने शिक्षकों के मार्गदर्शन और शिक्षा विभाग की निश्शुल्क तैयारी सुविधा का लाभ उठाकर उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।
शिक्षा विभाग के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2021-22 से 2024-25 तक प्रदेश के सरकारी स्कूलों के कुल 76 विद्यार्थियों ने जेईई मेन्स परीक्षा में सफलता प्राप्त की। इनमें से 45 विद्यार्थियों ने विभिन्न इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश हासिल किया। वहीं, 12 प्रतिभाशाली विद्यार्थी एनआईटी हमीरपुर तक पहुंचने में सफल रहे। इसी अवधि में एक विद्यार्थी ने आईआईटी में प्रवेश हासिल कर सरकारी स्कूलों और प्रदेश का नाम रोशन किया।
मेडिकल क्षेत्र में भी सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों का प्रदर्शन उत्साहजनक रहा। इसी अवधि के दौरान आठ विद्यार्थियों ने मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश प्राप्त किया। जेईई और नीट जैसी कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में सरकारी स्कूलों के छात्रों की यह सफलता शिक्षा विभाग के लिए एक सकारात्मक उपलब्धि के रूप में देखी जा रही है।
इन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग की ओर से सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को निश्शुल्क कोचिंग और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया गया था। इस पहल का उद्देश्य उन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को बेहतर अवसर देना था, जो निजी कोचिंग संस्थानों की महंगी फीस का खर्च नहीं उठा सकते।
शिक्षा मंत्री के निर्देश पर पिछले तीन वर्षों में इस निश्शुल्क सुविधा से विद्यार्थियों को मिले लाभ का आकलन किया गया। समीक्षा के दौरान सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की लगातार सफलता सामने आई। इससे विभाग को यह समझने में मदद मिली कि यदि विद्यार्थियों को समय पर सही मार्गदर्शन और तैयारी के संसाधन उपलब्ध कराए जाएं तो वे राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में भी बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।
अब शिक्षा विभाग इन सफल और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सम्मानित करने की तैयारी कर रहा है। सम्मान समारोह के माध्यम से विद्यार्थियों की मेहनत और उपलब्धियों को पहचान देने के साथ-साथ अन्य छात्रों को भी प्रेरित करने का प्रयास किया जाएगा।
यह उपलब्धि खासकर हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी और दूरदराज क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक है। कई विद्यार्थियों के लिए बड़े शहरों में जाकर कोचिंग लेना आर्थिक रूप से संभव नहीं होता। ऐसे में सरकारी स्कूलों के माध्यम से मिली निश्शुल्क तैयारी सुविधा ने अनेक छात्रों को अपने सपनों की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर दिया।
शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों का मानना है कि इन सफलताओं से सरकारी स्कूलों के प्रति विद्यार्थियों और अभिभावकों का भरोसा भी मजबूत होगा। साथ ही यह संदेश जाएगा कि सफलता के लिए केवल महंगी कोचिंग जरूरी नहीं है, बल्कि समर्पित मेहनत, सही रणनीति, शिक्षकों का मार्गदर्शन और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सहयोग भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
हिमाचल के सरकारी स्कूलों के इन विद्यार्थियों की उपलब्धि अब दूसरे छात्रों के लिए प्रेरणा का उदाहरण बन रही है। शिक्षा विभाग की योजना और विद्यार्थियों की मेहनत का यह परिणाम प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था के लिए एक उत्साहजनक संकेत माना जा रहा है।
Highlights
- 76 सरकारी स्कूल विद्यार्थियों ने जेईई मेन्स क्वालीफाई किया।
- 45 ने विभिन्न इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश लिया।
- 12 विद्यार्थियों को एनआईटी हमीरपुर में दाखिला मिला।
- एक विद्यार्थी ने आईआईटी में जगह बनाई।
- आठ छात्रों ने मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश हासिल किया।
- सफल विद्यार्थियों को शिक्षा विभाग सम्मानित करेगा।
