रितेश शर्मा को मिलेगा राष्ट्रपति वीरता पुरस्कार, पांच वर्षों तक कश्मीर में आतंकियों से लेते रहे लोहा

ज्वालामुखी, हिमाचल प्रदेश

ज्वालामुखी क्षेत्र के अपर घलौर गांव निवासी जांबाज सैनिक रितेश शर्मा को आतंकवादियों के खिलाफ बहादुरी और अदम्य साहस का परिचय देने के लिए राष्ट्रपति वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। कश्मीर घाटी में आतंकवाद विरोधी अभियानों के दौरान उनके साहसिक योगदान को देखते हुए भारत सरकार की ओर से उन्हें यह सम्मान दिया जा रहा है।

रितेश शर्मा को 1 सितंबर को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित अलंकरण समारोह में सम्मानित किया जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समारोह के दौरान उन्हें यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान करेंगे। यह खबर सामने आने के बाद उनके परिवार, गांव और पूरे ज्वालामुखी क्षेत्र में खुशी की लहर है।

रितेश शर्मा के पिता, पूर्व सूबेदार ओम प्रकाश शर्मा ने बताया कि उनका बेटा वर्ष 2017 से 2022 तक लगातार पांच वर्षों तक कश्मीर घाटी में तैनात रहा। इस दौरान उसने आतंकवाद विरोधी अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और कई जोखिम भरी परिस्थितियों का सामना किया।

उन्होंने बताया कि रितेश शर्मा ने कश्मीर में अपने कार्यकाल के दौरान पांच महत्वपूर्ण ऑपरेशन में हिस्सा लिया। इन अभियानों के दौरान उन्होंने आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए बहादुरी और अदम्य साहस का परिचय दिया। हर चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में उन्होंने अपने कर्तव्य को प्राथमिकता दी।

आतंकवाद विरोधी अभियानों के दौरान सुरक्षा बलों के जवानों को अत्यधिक कठिन परिस्थितियों में काम करना पड़ता है। कई बार दुर्गम इलाके, खराब मौसम और अचानक उत्पन्न होने वाली परिस्थितियां अभियान को और चुनौतीपूर्ण बना देती हैं। ऐसे हालात में जवानों का साहस, अनुशासन और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता बेहद महत्वपूर्ण होती है।

रितेश शर्मा ने कश्मीर घाटी में अपनी तैनाती के दौरान इन चुनौतियों का सामना करते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन किया। पांच वर्षों तक आतंकवाद के खिलाफ अभियानों में उनकी भूमिका को अब राष्ट्रपति वीरता पुरस्कार के रूप में सम्मान मिला है।

पिता ओम प्रकाश शर्मा ने बेटे की उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया है। परिवार के लिए यह क्षण बेहद भावुक और गौरवपूर्ण है। वहीं, अपर घलौर गांव के लोगों ने भी रितेश शर्मा की उपलब्धि को पूरे क्षेत्र के सम्मान से जोड़कर देखा है।

रितेश शर्मा की बहादुरी की चर्चा आसपास के क्षेत्रों में भी हो रही है। लोगों का कहना है कि उन्होंने अपने साहस और समर्पण से न केवल परिवार बल्कि ज्वालामुखी और हिमाचल प्रदेश का नाम रोशन किया है।

राष्ट्रपति वीरता पुरस्कार मिलने से रितेश शर्मा का नाम अब उन बहादुर जवानों में शामिल होगा, जिन्होंने देश की सुरक्षा के लिए अपने कर्तव्य का साहसपूर्वक निर्वहन किया। उनकी यह उपलब्धि सेना और सुरक्षा बलों में जाकर देशसेवा करने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए भी प्रेरणादायक है।

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