मुंबई, महाराष्ट्र।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने युवा क्रिकेटरों को मादक पदार्थों, सट्टेबाजी और मैच फिक्सिंग जैसे गंभीर खतरों से बचाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी की है। अगले महीने होने वाली बीसीसीआई की वार्षिक महासभा में घोषित की जाने वाली नई जूनियर क्रिकेट समिति को युवा खिलाड़ियों में जागरूकता फैलाने की विशेष जिम्मेदारी दी जाएगी।
बीसीसीआई के इस फैसले का उद्देश्य जूनियर स्तर से ही खिलाड़ियों के बीच मजबूत नैतिक मूल्यों और अनुशासन की भावना विकसित करना है। समिति युवा क्रिकेटरों को खेल की ईमानदारी, निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा और पेशेवर जिम्मेदारियों के बारे में शिक्षित करेगी। साथ ही उन्हें सट्टेबाजी, मैच फिक्सिंग और मादक पदार्थों से जुड़े खतरों की जानकारी दी जाएगी।
क्रिकेट बोर्ड ने नई जूनियर क्रिकेट समिति के पांच पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इन पदों के लिए आवेदन भेजने की अंतिम तिथि 5 सितंबर निर्धारित की गई है। समिति के गठन के बाद उसके सदस्यों को जूनियर क्रिकेट के विकास के साथ-साथ खिलाड़ियों के नैतिक और व्यवहारिक मार्गदर्शन की भी जिम्मेदारी निभानी होगी।
युवा खिलाड़ियों के लिए यह पहल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि क्रिकेट में आगे बढ़ने के दौरान कई बार उन्हें ऐसे लोगों और परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है, जो उनके करियर को गलत दिशा में ले जा सकते हैं। ऐसे में शुरुआती स्तर पर सही जानकारी और प्रशिक्षण मिलने से खिलाड़ी संदिग्ध गतिविधियों से दूरी बनाए रख सकते हैं।
बीसीसीआई युवा क्रिकेटरों को यह भी बताना चाहता है कि मैच फिक्सिंग और सट्टेबाजी जैसी गतिविधियों में शामिल होने के गंभीर परिणाम हो सकते हैं। किसी भी तरह की अनुचित गतिविधि खिलाड़ी के पूरे करियर को प्रभावित कर सकती है और उसकी प्रतिष्ठा को भी नुकसान पहुंचा सकती है।
मादक पदार्थों के खिलाफ जागरूकता भी समिति की प्राथमिकताओं में शामिल होगी। खिलाड़ियों को स्वस्थ जीवनशैली, फिटनेस और अनुशासन के महत्व के बारे में बताया जाएगा ताकि वे खेल और निजी जीवन दोनों में सही फैसले ले सकें।
नई समिति से उम्मीद की जा रही है कि वह युवा प्रतिभाओं के लिए सुरक्षित और सकारात्मक माहौल तैयार करने में मदद करेगी। बीसीसीआई का यह कदम भारतीय क्रिकेट में प्रतिभा के साथ-साथ ईमानदारी और नैतिकता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
