चेन्नई, तमिलनाडु
भारतीय घरेलू क्रिकेट की बड़ी प्रतियोगिता दलीप ट्रॉफी 2026-27 शुरू होने से पहले ही फाइनल मुकाबले के आयोजन स्थल में बदलाव कर दिया गया है। बीसीसीआई ने बेंगलुरु के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से फाइनल को हटाकर चेन्नई के एम.ए. चिदंबरम स्टेडियम में कराने का निर्णय लिया है। बोर्ड के इस फैसले का सीधा संबंध दर्शकों की मौजूदगी से है। अब क्रिकेट प्रशंसक फाइनल मुकाबले को स्टेडियम में जाकर देख सकेंगे।
दलीप ट्रॉफी का आगामी सत्र 23 अगस्त से शुरू होने वाला है। इसके क्वार्टर फाइनल मुकाबले 23 से 26 अगस्त तक खेले जाएंगे, जबकि सेमीफाइनल 30 अगस्त से 2 सितंबर तक होंगे। दोनों चरणों के मैच बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में प्रस्तावित हैं। पहले फाइनल भी इसी परिसर में निर्धारित था, लेकिन अब बीसीसीआई ने इसमें बदलाव कर दिया है। फाइनल 6 से 10 सितंबर के बीच चेन्नई में खेला जाएगा।
इस बदलाव की वजह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में दर्शकों की सीमित पहुंच है। बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने हाल ही में बताया था कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस परिसर में सरकारी प्रतिबंधों के कारण आम दर्शकों को प्रवेश नहीं दिया जा सकता। उन्होंने कहा था कि बोर्ड नियमों का उल्लंघन नहीं कर सकता और फाइनल को किसी ऐसे स्टेडियम में कराने पर विचार करेगा, जहां दर्शक मुकाबला देख सकें।
अब चेन्नई का एम.ए. चिदंबरम स्टेडियम इस प्रतिष्ठित घरेलू मुकाबले की मेजबानी करेगा। चेपॉक के नाम से मशहूर यह मैदान भारतीय क्रिकेट के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों में शामिल है। यहां फाइनल कराने से खिलाड़ियों को बड़े दर्शक वर्ग के सामने खेलने का अनुभव मिलेगा। घरेलू स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के लिए ऐसा मुकाबला खास महत्व रखता है, क्योंकि चयनकर्ता भी उनकी फॉर्म और प्रदर्शन पर नजर रखते हैं।
दलीप ट्रॉफी में अलग-अलग क्षेत्रीय टीमें खिताब के लिए मुकाबला करती हैं। इस वर्ष सेंट्रल और साउथ जोन को सेमीफाइनल में सीधे स्थान मिला है, जबकि शेष टीमें क्वार्टर फाइनल के जरिए आगे बढ़ेंगी। पिछले संस्करण में सेंट्रल जोन ने साउथ जोन को हराकर ट्रॉफी अपने नाम की थी।
बीसीसीआई घरेलू क्रिकेट को अधिक दर्शकों तक पहुंचाने के लिए प्रसारण व्यवस्था पर भी काम कर रहा है। बोर्ड ने इस सत्र में लाइव कवरेज का दायरा बढ़ाया है और दलीप ट्रॉफी के सभी मैचों की लाइव स्ट्रीमिंग की जानकारी सामने आई है।
इस तरह फाइनल के वेन्यू में बदलाव से प्रतियोगिता को एक तरफ मैदान में दर्शकों का समर्थन मिलेगा, वहीं दूसरी तरफ घरेलू क्रिकेट के खिलाड़ियों को बड़े मंच पर प्रदर्शन का अतिरिक्त अवसर भी मिलेगा।
