नई दिल्ली, दिल्ली
भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भारत और इजरायल के बीच मजबूत होते द्विपक्षीय संबंध एक बार फिर सुर्खियों में हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की शुभकामनाओं के लिए आभार व्यक्त करते हुए दोनों देशों की दोस्ती और रणनीतिक साझेदारी को महत्वपूर्ण बताया है।
प्रधानमंत्री मोदी का यह संदेश ऐसे समय में आया है, जब भारत और इजरायल के बीच संबंध लगातार कई नए क्षेत्रों में विस्तार कर रहे हैं। दोनों देशों के बीच रक्षा और सुरक्षा सहयोग के साथ-साथ कृषि, जल प्रबंधन, तकनीक, नवाचार, साइबर सुरक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और निवेश जैसे क्षेत्रों में भी साझेदारी बढ़ रही है।
प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले कई मौकों पर भारत-इजरायल संबंधों को विश्वास और साझा हितों पर आधारित साझेदारी बताया है। आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, जून 2026 में नेतन्याहू की शुभकामनाओं का जवाब देते हुए मोदी ने कहा था कि भारत-इजरायल की दोस्ती आने वाले वर्षों में मजबूती से आगे बढ़ती रहेगी।
मोदी-नेतन्याहू के बीच मजबूत संवाद
भारत और इजरायल के शीर्ष नेतृत्व के बीच लगातार संवाद दोनों देशों के संबंधों की अहमियत को दर्शाता है। फरवरी 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायल की संसद केसेट में ऐतिहासिक भाषण दिया। वह केसेट को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और इजरायल के बीच दोस्ती, सम्मान और साझेदारी की भावना पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की मजबूत साझेदारी केवल राष्ट्रीय हितों तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक स्थिरता और समृद्धि में भी योगदान कर सकती है।
मोदी ने रक्षा और सुरक्षा सहयोग को भी दोनों देशों की साझेदारी का महत्वपूर्ण आधार बताया। इसके अलावा उन्होंने व्यापार, निवेश और संयुक्त बुनियादी ढांचा विकास को आगे बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया।
नेतन्याहू ने भी भारत को बताया महत्वपूर्ण साझेदार
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भी भारत के साथ संबंधों को लगातार महत्व देते रहे हैं। फरवरी 2026 में प्रधानमंत्री मोदी के सम्मान में केसेट में आयोजित विशेष सत्र में नेतन्याहू ने दोनों देशों के बीच बढ़ते संबंधों का उल्लेख किया।
उन्होंने आर्थिक, व्यापार, साइबर और अंतरिक्ष सहयोग के साथ संस्कृति, कृषि, सुरक्षा और तकनीक के क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाने की बात कही थी।
रक्षा से आगे बढ़ी साझेदारी
भारत-इजरायल संबंधों को लंबे समय तक मुख्य रूप से रक्षा सहयोग के नजरिए से देखा जाता रहा है। हालांकि अब दोनों देशों की साझेदारी काफी व्यापक हो चुकी है। इजरायल की तकनीकी विशेषज्ञता और भारत का बड़ा बाजार तथा मानव संसाधन दोनों देशों के बीच नए सहयोग के अवसर पैदा कर रहे हैं।
कृषि के क्षेत्र में इजरायल की आधुनिक सिंचाई और जल प्रबंधन तकनीकों का भारत में उपयोग किया गया है। वहीं तकनीक और स्टार्टअप क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच सहयोग के अवसर बढ़े हैं।
वैश्विक मंच पर भी महत्वपूर्ण साझेदारी
भारत और इजरायल के संबंधों का महत्व केवल द्विपक्षीय स्तर तक सीमित नहीं है। दोनों देश आतंकवाद, सुरक्षा, तकनीक और वैश्विक स्थिरता जैसे मुद्दों पर संवाद करते रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने इजरायल की संसद में भी कहा था कि आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक स्तर पर लगातार और समन्वित कार्रवाई जरूरी है।
ऐसे में नेतन्याहू की शुभकामनाओं के जवाब में प्रधानमंत्री मोदी का संदेश भारत-इजरायल संबंधों की निरंतरता को रेखांकित करता है। आने वाले समय में दोनों देशों के बीच रक्षा, तकनीक, कृषि, साइबर सुरक्षा, व्यापार और नवाचार के क्षेत्रों में सहयोग और बढ़ने की उम्मीद है।
