नई दिल्ली, दिल्ली
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने फ्लाईदुबई विमान में हुई घटना के दौरान भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार की बहादुरी की सराहना की है। नेतन्याहू ने उन्हें सच्चा नायक बताते हुए उनके जल्द और पूरी तरह स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद पायलट ने जिस साहस का परिचय दिया, वह सराहनीय है।
इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए बयान में नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित मछार की बहादुरी को रेखांकित किया। उनके अनुसार, विमान के कॉकपिट में एक व्यक्ति ने पायलट पर चाकू से हमला किया था। हमले में घायल होने के बावजूद भारतीय पायलट ने हमलावर का सामना किया और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की।
इसके बाद विमान में मौजूद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने हमलावर को काबू करने में मदद की। इस पूरी घटना के दौरान विमान में सवार लोगों के बीच दहशत का माहौल बन गया था। विमान के अचानक नीचे जाने के बाद यात्रियों को स्थिति की गंभीरता का अंदाजा हुआ।
घायल होने के बावजूद डटे रहे पायलट
घटना के दौरान कैप्टन मछार के घायल होने के बावजूद उन्होंने विमान की स्थिति संभालने और हमलावर का विरोध करने की कोशिश जारी रखी। उनकी बहादुरी की जानकारी सामने आने के बाद उनकी दुनियाभर में सराहना हो रही है।
नेतन्याहू ने अपने संदेश में कैप्टन मछार के साहस को विशेष रूप से रेखांकित किया और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की। उन्होंने पायलट को असली हीरो बताते हुए उनकी बहादुरी को सम्मान दिया।
यात्रियों ने भी सुनाई घटना की भयावहता
फ्लाईदुबई की उड़ान में मौजूद यात्रियों ने भी घटना के दौरान पैदा हुई अफरा-तफरी के बारे में बताया। यात्रियों के अनुसार, विमान अचानक तेजी से नीचे की ओर जाने लगा। कुछ यात्रियों को शुरुआत में लगा कि विमान खराब मौसम या तेज टर्बुलेंस की चपेट में आ गया है।
बाद में कॉकपिट के आसपास हुई गतिविधियों से उन्हें घटना की गंभीरता का पता चला। यात्रियों और चालक दल के कुछ सदस्यों ने मिलकर हमलावर को नियंत्रित करने में भूमिका निभाई।
इस घटना में कैप्टन स्मित मछार की भूमिका को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। गंभीर स्थिति में भी उनके साहस और तत्परता ने विमान में मौजूद लोगों की सुरक्षा में अहम योगदान दिया। इजरायली प्रधानमंत्री की ओर से मिली सार्वजनिक प्रशंसा के बाद भारतीय पायलट की बहादुरी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है।
