चंडीगढ़: मौलीजागरां में लगातार गहराते पेयजल संकट और मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी को लेकर चंडीगढ़ भाजपा के प्रदेश सचिव शशी शंकर तिवारी ने नगर निगम प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने निगम अधिकारियों पर कॉलोनियों के वासियों के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए स्थिति को बेहद चिंताजनक बताया।
पानी की किल्लत और जनरेटर न होने पर उठाए सवाल
भाजपा नेता शशी शंकर तिवारी ने प्रेस बयान जारी कर कहा कि मौलीजागरां के लोग आए दिन पानी की भारी समस्या से जूझ रहे हैं।
अस्थायी समाधान: दो दिन पानी आपूर्ति ठीक रहती है, तो अगले ही दिन ट्यूबवेल की मोटर जल जाती है।
स्वास्थ्य का खतरा: क्षेत्र में कई बार गंदे पानी की आपूर्ति के कारण डायरिया जैसी बीमारियाँ फैलने का खतरा बन जाता है।
जनरेटर की मांग: स्थानीय जनप्रतिनिधियों की लगातार कोशिशों के बावजूद आज तक ट्यूबवेलों पर बैकअप जनरेटर स्थापित नहीं किए जा सके हैं।
”वीआईपी सेक्टरों और कॉलोनियों में दोहरा रवैया”
तिवारी ने सवाल उठाया कि जब मौलीजागरां के निवासी नगर निगम के सभी करों (टैक्स) का समय पर भुगतान कर रहे हैं, तो उनके साथ यह भेदभाव क्यों?
”वी.आई.पी. सेक्टरों में जरा सी समस्या आते ही पूरा प्रशासनिक अमला तुरंत हरकत में आ जाता है, लेकिन कॉलोनियों और विकास नगर जैसे क्षेत्रों की गंभीर समस्याओं पर सिर्फ टाल-मटोल का रवैया अपनाया जाता है।”
उन्होंने विकास नगर का उदाहरण देते हुए कहा कि निगम की करोड़ों रुपये की दुकानें मूलभूत सुविधाओं के अभाव में आज खंडहर में तब्दील हो चुकी हैं।
प्रशासक से गुहार
क्षेत्र की दयनीय स्थिति को देखते हुए शशी शंकर तिवारी ने चंडीगढ़ के प्रशासक श्री गुलाब चंद कटारिया से अपील की है कि वे स्वयं मौलीजागरां का दौरा करें और जमीनी हकीकत को देखकर आम जनता को राहत दिलाने के लिए कड़े कदम उठाएं।
