शिमला, हिमाचल प्रदेश
हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ ने तीन बार हाजिरी के आदेश का किया विरोध, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने मांग स्वीकार करने का दिया आश्वासन
हिमाचल प्रदेश के सीबीएसई से संबद्ध सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की दिन में तीन बार हाजिरी लगाने के आदेश को लेकर विवाद खड़ा हो गया। हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ ने इस व्यवस्था का विरोध करते हुए शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर के सामने अपनी आपत्ति दर्ज कराई। संघ ने मांग की कि सभी सरकारी शिक्षकों के लिए हाजिरी की व्यवस्था एक समान रखी जाए।
शिक्षा मंत्री से मिले शिक्षक संघ के पदाधिकारी
हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के प्रदेशाध्यक्ष वीरेंद्र चौहान की अध्यक्षता में एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को सचिवालय में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों की दिन में तीन बार उपस्थिति दर्ज कराने संबंधी व्यवस्था को वापस लेने की मांग रखी।
संघ का कहना था कि सरकारी स्कूलों में शिक्षक पहले से ही निर्धारित माध्यमों के जरिए अपनी उपस्थिति दर्ज करवा रहे हैं। ऐसे में सीबीएसई से संबद्ध सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के लिए दिन में तीन बार हाजिरी की व्यवस्था लागू करना जरूरी नहीं है।
सभी शिक्षकों के लिए समान व्यवस्था की मांग
शिक्षक संघ ने शिक्षा मंत्री के समक्ष यह भी तर्क रखा कि सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के लिए हाजिरी से संबंधित व्यवस्था में समानता होनी चाहिए। अलग-अलग स्कूलों या शिक्षकों के लिए अलग नियम होने से अनावश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया बढ़ सकती है।
संघ ने मांग की कि सीबीएसई से संबद्ध सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के लिए भी वही व्यवस्था लागू की जाए, जो अन्य सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज कराने के लिए निर्धारित है।
दिन में दो बार लगेगी हाजिरी
प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने उनकी मांग पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए आश्वासन दिया कि सीबीएसई से संबद्ध सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की दिन में तीन बार की बजाय दो बार ही अटेंडेंस लगाई जाएगी।
शिक्षा मंत्री से मिले इस आश्वासन के बाद शिक्षक संघ ने उनका आभार जताया। संघ ने उम्मीद जताई कि नई व्यवस्था से शिक्षकों को राहत मिलेगी और हाजिरी को लेकर बनी असमंजस की स्थिति दूर होगी।
इस फैसले के बाद सीबीएसई से संबद्ध सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के लिए दिन में तीन बार उपस्थिति दर्ज कराने की व्यवस्था को लेकर चल रहा विवाद फिलहाल शांत होता दिखाई दे रहा है।
