शोवना नारायण ने अपने नए पुस्तक में करणों के माध्यम से नृत्य को समझाया

नई दिल्ली, भारत: भारतीय शास्त्रीय नृत्य कथक की प्रसिद्ध नर्तकी शोवना नारायण ने अपनी हाल ही में प्रकाशित पुस्तक “स्पीकिंग स्कल्प्चर्स” में नृत्य की एक अनूठी समझ प्रस्तुत की है। इस पुस्तक में उन्होंने भरत की नाट्यशास्त्र के 108 करणों के माध्यम से कथक नृत्य की गहराई को उजागर किया है।

शोवना नारायण ने वर्षों से कथक के प्रति अपने समर्पण और अध्ययन से नृत्य के अभिव्यक्ति के विभिन्न पहलुओं को समझाने का प्रयास किया है। “स्पीकिंग स्कल्प्चर्स” में वे करणों को सिर्फ मूवमेंट के रूप में नहीं बल्कि उन मूवमेंट्स के पीछे छुपी भावनाओं और कथाओं के रूप में प्रस्तुत करती हैं। करण, जो नाट्यशास्त्र में वर्णित विशिष्ट मूवमेंट के सेट हैं, नृत्य के अभिव्यक्ति को आकर्षक और प्रभावशाली बनाते हैं।

इस पुस्तक के माध्यम से नाट्यशास्त्र के प्राचीन ग्रंथों को आधुनिक संदर्भ में समझने का नया दृष्टिकोण सामने आया है। शास्त्रीय नृत्य के छात्रों और प्रेमियों के लिए यह पुस्तक एक महत्वपूर्ण संसाधन साबित हो सकती है। इसमें शारीरिक मुद्राओं के साथ-साथ उनके भावार्थों को भी विस्तार से समझाया गया है।

शोवना नारायण ने बताया कि कैसे करण केवल तकनीकी अभ्यास नहीं बल्कि वे नृत्य के expressive language हैं जो कहानी कहने में मदद करते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इन करणों के माध्यम से नृत्य कलाकार अपनी रचनात्मकता और भावनाओं को अभिव्यक्त करते हैं।

यह पुस्तक न केवल कथक नृत्य के लिए बल्कि भारतीय शास्त्रीय नृत्य सभी रूपों के अध्ययन के लिए भी उपयोगी है। “स्पीकिंग स्कल्प्चर्स” नृत्य की संग्रहित परंपरा और आधुनिक व्याख्या के बीच एक पुल का काम करती है।

इस नृत्य की अभिव्यक्ति को समझने और उसे जीवंत करने के लिए शोवना नारायण का यह प्रयास भारतीय सांस्कृतिक विरासत में एक महत्वपूर्ण योगदान माना जा रहा है।

शोवना नारायण की यह नवीन पुस्तक नृत्य के इतिहास और कला के प्रति गहरे सम्मान को दर्शाती है तथा नई पीढ़ी के कलाकारों के लिए प्रेरणा स्रोत बनने की पूरी संभावना रखती है।

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