जींद, हरियाणा। देश की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन ट्रेन प्रोजेक्ट को लेकर मुख्यमंत्री नायब सैनी के मीडिया सलाहकार राजीव जेटली ने विस्तृत चर्चा की। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि यह ट्रेन मात्र एक परिवहन माध्यम नहीं बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा योगदान है।
राजीव जेटली ने कहा कि हाइड्रोजन ट्रेन की तकनीक विश्व के विकसित देशों के लिए भी नई है, और जहां अन्य देश छोटी लंबाई की हाइड्रोजन ट्रेनों पर काम कर रहे हैं, वहीं भारत दुनिया की सबसे लंबी और सबसे उन्नत हाइड्रोजन ट्रेन लेकर आ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप इस प्रोजेक्ट को मुख्यमंत्री नायब सैनी ने साकार कर दिखाया है।
जेटली ने आगे बताया कि यह ट्रेन केवल जींद और सोनीपत के बीच के रूट पर ही नहीं चलेगी, बल्कि यह आने वाले भविष्य की राह तय करेगी। उन्होंने कहा, “यह ट्रेन पर्यावरण के लिए एक तोहफा है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ ऊर्जा और हरित परिवहन का संदेश लेकर आएगी।”
भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राजीव जेटली ने कहा कि उनके मुकाबले सुरक्षा उपाय बेहद उच्च स्तर के हैं। फायर सेफ्टी के लिए बनायी गई SOPs वैज्ञानिक दृष्टिकोण से जांच-पड़ताल के अंतर्गत हैं और ट्रेन को लो ट्रैफिक जोन में चलाया जाएगा ताकि सभी आवश्यक सुरक्षा मानकों की पालना हो सके।
राजीव जेटली ने कहा, “यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि हर आम और खास के लिए फायदे वाला कदम है। इससे सभी लोग यात्रा करेंगे, और यह हमारी आने वाली पीढ़ी के लिए एक स्थायी और स्वच्छ परिवहन सुविधा होगी।”
बता दें कि यह हाइड्रोजन ट्रेन 89 किलोमीटर के रूट पर जींद और सोनीपत के बीच चलेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जुलाई को जींद जंक्शन पर इस पर्यावरण-हितैषी ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर इस महत्वपूर्ण परियोजना का शुभारंभ करेंगे। यह कदम भारत को स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण अग्रणी देश बनाने की दिशा में लिया गया है।
इस परियोजना को लेकर विशेषज्ञ और वैज्ञानिक भी अत्यंत उत्साहित हैं और इसे भारतीय रेलवे में प्रदूषण कम करने के लिए एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है। देशभर से इस ट्रेन की सफलता की उम्मीदें बहुत अधिक हैं, जिससे देश के पर्यावरण और भविष्य दोनों को फायदा होगा।
