चंडीगढ़, पंजाब। पंजाब कांग्रेस में सत्ता संघर्ष और गुटबाजी के सवालों के बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने साफ तौर पर पार्टी के भीतर किसी भी तरह के टकराव को खारिज किया है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को अपना वरिष्ठ नेता बताते हुए कहा कि वे उनसे लगातार सीख रहे हैं, और किसी भी विवाद या गुटबाजी की बात निराधार है।
राजा वडिंग ने कहा, ‘चन्नी साहब मेरे बड़े भाई जैसे हैं। मैं अभी उनसे बहुत कुछ सीख रहा हूं। बनाम की बातें बनाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन वास्तव में ऐसा कोई विवाद नहीं है। मैं इतना बड़ा भी नहीं हूं कि उनके मुकाबले का सोच सकूं।’ उन्होंने यह भी बताया कि वे कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं से अनुभव प्राप्त कर रहे हैं, जो उनके लिए एक सीखने का अवसर है।
पार्टी के अंदर हुई बैठक में अपनी गैरहाजिरी के सवाल पर राजा वडिंग ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कभी-कभी गिले-शिकवे सामने आ जाते हैं, जिन्हें वापस लेना मुश्किल होता है। ऐसे में यदि वे बैठक में नहीं रहे तो मामलों को बेहतर तरीके से संभाला जा सकेगा। उन्होंने पुलिसीय भाषा में कहा, ‘जिस भी बात की शिकायत होगी, पहले उसे सुना जाएगा। फिर अगली बैठक में मैं सबके साथ बैठकर अपनी बात रखूंगा। यदि मेरी कोई गलती हुई है, तो मैं वरिष्ठ नेताओं से माफी भी मांग लूंगा। मेरे लिए कई नेता पिता समान हैं, कुछ दादा समान हैं।’
सुखजिंदर सिंह रंधावा से रिश्तों के बारे में पूछे जाने पर राजा वडिंग ने कहा कि उनके बीच कोई स्थायी दरार नहीं है। वे बताते हैं कि दोनों दावेदार थे जब उन्हें पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष बनाया गया, लेकिन उनके पारिवारिक रिश्ते मजबूत हैं। ‘हमारे रिश्ते राजनीति से ऊपर हैं। मैं रंधावा जी के घर जाता हूं, वे मेरे घर आते हैं। कुछ गलतफहमियां हुई होंगी, जो बातचीत के जरिए दूर की जा सकती हैं।’
राजा वडिंग ने यह भी कहा कि उनकी पत्नी उनकी बहन की तरह हैं और उनका बेटा उनके परिवार का हिस्सा माना जाता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे राणा गुरजीत सिंह और सुखजिंदर सिंह रंधावा के बीच पहले मतभेद थे, लेकिन वे खत्म हो गए, वैसे ही उनके बीच भी किसी विवाद को बातचीत से सुलझाया जा सकता है।
पंजाब कांग्रेस के वर्तमान हालात को लेकर राजा वडिंग ने पार्टी के एकजुट रहने पर जोर दिया और कहा कि झूठी अफवाहें फैलाने की बजाय सभी को मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे और चरणजीत सिंह चन्नी एक साथ मिलकर पार्टी को मजबूत बनाएंगे और भविष्य में बेहतर प्रदर्शन के लिए काम करेंगे।
